डेस्क : तेलंगाना के रंगा रेड्डी जिले में शुक्रवार देर रात प्रतिशोध और सनक की एक ऐसी खौफनाक दास्तान सामने आई, जिसने कानून-व्यवस्था और सामाजिक सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पोक्सो (POCSO) मामले में हाल ही में जमानत पर छूटे एक 35 वर्षीय व्यक्ति ने महज एक घंटे के भीतर दो हंसते-खेलते परिवारों को पूरी तरह तबाह कर दिया। आरोपी ने अपने खिलाफ शिकायत करने वाली 16 वर्षीय नाबालिग लड़की, उसकी मां, दादी समेत अपने ही परिवार के तीन सदस्यों (पत्नी और दो मासूम बेटों) की बेरहमी से हत्या कर दी।
पुलिस के अनुसार, रायवालागुडा गांव के रहने वाले आरोपी किसान राजू कुमार ने इस खौफनाक सामूहिक हत्याकांड को बेहद योजनाबद्ध तरीके से अंजाम दिया और फिलहाल वह फरार है।
सिलसिलेवार ढंग से रची मौत की साजिश
पुलिस नियंत्रण कक्ष से मिली जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार रात करीब 10:45 बजे राजू कुमार अपनी कार से छह किलोमीटर दूर शबाद शहर पहुंचा। उसने उस नाबालिग लड़की के घर का दरवाजा खटखटाया, जिसने कुछ समय पहले उसके खिलाफ पीछा करने (Stalking) का पोक्सो मामला दर्ज कराया था।
जैसे ही लड़की की 42 वर्षीय मां ने दरवाजा खोला, राजू ने उन पर चाकू से ताबड़तोड़ वार कर दिए, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद उसने घर के भीतर सो रही लड़की की 60 वर्षीय दादी पर हमला कर उन्हें भी मौत की नींद सुला दिया। आरोपी यहीं नहीं रुका; वह 16 वर्षीय नाबालिग का जबरन अपहरण कर अपनी कार में ले गया और गांव के पास एक सुनसान झील के किनारे ले जाकर उसे चाकू से गोद डाला।
अपने ही खून पर नहीं आया तरस
नाबालिग की हत्या करने के बाद राजू रात करीब 11:21 बजे अपने घर लौटा। प्रतिशोध की आग में अंधे हो चुके आरोपी ने इसके बाद जो किया, उसने पुलिस प्रशासन को भी झकझोर कर रख दिया। उसने घर में गहरी नींद में सो रही अपनी 31 वर्षीय पत्नी, चार साल के बड़े बेटे और महज 18 महीने के छोटे बेटे का बेरहमी से गला रेत दिया।
पिता को फोन कर कहा— “सब खत्म कर दिया”
सामूहिक नरसंहार को अंजाम देने के बाद आरोपी ने अपने पिता को फोन किया। उसने ठंडे दिमाग से अपना जुर्म कबूल करते हुए कहा कि उसने ‘दोनों परिवारों का खात्मा’ कर दिया है और अब वह खुदकुशी करने जा रहा है। बदहवास पिता ने तुरंत इसकी सूचना स्थानीय पुलिस को दी, लेकिन जब तक पुलिस मौके पर पहुंचती, आरोपी अपनी कार से फरार हो चुका था।
कानूनी पेच का उठाया फायदा
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने बताया कि नाबालिग के परिवार की शिकायत पर पुलिस ने राजू के खिलाफ मामला दर्ज किया था। इसके बाद उसने स्थानीय अदालत में अग्रिम जमानत की याचिका दायर की थी। चूंकि कानूनन पीछा करने (Stalking) के इस अपराध में अधिकतम सजा सात वर्ष से कम है, इसलिए अदालत ने उसे निजी मुचलके पर जमानत दे दी थी। जमानत पर बाहर आते ही उसने इस भयानक बदले की साजिश को अंजाम दे डाला।
हाई अलर्ट पर पुलिस, तलाश जारी
फ्यूचर सिटी पुलिस कमिश्नरेट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इलाके में हाई अलर्ट जारी कर दिया है। आरोपी को पकड़ने के लिए पुलिस की छह विशेष टीमें गठित की गई हैं, जो संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं। सभी छह शवों को पोस्टमार्टम के लिए शवगृह भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि आरोपी के पकड़े जाने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि उसने अपने ही मासूम बच्चों को मौत के घाट क्यों उतारा।













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