मुंबई। महाराष्ट्र में एनडीए गठबंधन के बीच सब सही चल रहा है? यह सवाल इसलिए उठ रहा है क्योंकि पिछले कुछ दिनों के घटनाक्रम ने तनाव के संकेत दिए हैं। लोकसभा चुनाव नतीजों के बाद पहले हार का ठीकरा एक-दूसरे पर फोड़ा गया। इसके बाद अब विधानसभा सीटों के लिए रस्साकशी तेज है। वहीं अब अजित पवार की एनसीपी की ओर से ‘लड़की-बहिन योजना’ के पोस्टर लगाए गए हैं। उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने पिछले महीने विधानसभा में अपने बजट भाषण में ‘मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिन’ योजना की घोषणा की थी। पवार एकनाथ शिंदे सरकार में वित्त मंत्री भी हैं। ये पोस्टर सोमवार को पवार के जन्मदिन के अवसर पर अहमदनगर जिले के पारनेर, अहमदनगर, श्रीगोंडा और कर्जत-जामखेड विधानसभा क्षेत्रों के उनके दौरे के दौरान लगाए गए थे।
चारों स्थानों पर आयोजित कार्यक्रमों में पवार ने महिलाओं को संबोधित किया और योजना का उल्लेख ‘माझी लाडकी बहिन’ के रूप में किया गया, जबकि ‘मुख्यमंत्री’ शब्द का कोई उल्लेख नहीं किया गया। इस स्कीम के तहत उन परिवारों की महिलाओं को हर महीने 1500 रुपये की रकम दी जाएगी, जिनके परिवार की सालाना आय 2.5 लाख से कम होगी। डिप्टी सीएम अजित पवार ने बीते महीने बजट के दौरान स्कीम का ऐलान किया था। वह राज्य के वित्त मंत्री भी हैं। अजित पवार इस बीच अहमदनगर, श्रीगोंजा, करजात-जमखेद के इलाकों में गए ताकि असेंबली चुनाव से पहले कुछ बढ़त बनाई जा सके। उन्होंने कई विधानसभा क्षेत्रों का दौरा किया और इसी दौरान ये पोस्टर सामने आए।
उनके इन दौरों के वक्त ही पिंक कलर में पोस्टर लगाए गए थे। इनमें अजित पवार की तस्वीरें तो थीं, लेकिन सीएम का जिक्र तक नहीं था। इसे लेकर कयास तेज हो गए हैं, लेकिन अजित पवार की एनसीपी की ओर से अब सफाई दी जा रही है। एनसीपी का कहना है कि इसमें कोई विवाद नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस पर विवाद की जरूरत नहीं है। स्कीम का नाम माझी लड़की बहिन है। इसलिए इसका जिक्र बैनरों पर किया गया है। इसमें न तो कोई राजनीति है और न ही किसी का अपमान किया गया है।













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