नई दिल्ली:दिल्ली सरकार राजधानी में चार वर्ल्ड क्लास सिटी फॉरेस्ट्स (World-Class City Forests) विकसित करने जा रही है, जहां लोग प्रकृति की गोद में आकर अपना बेहतरीन समय बिता सकेंगे। दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने मंगलवार को इसका ऐलान करते हुए कहा कि इस प्रोजेक्ट की थीम “प्रकृति के पास परिवार के साथ” होगी। दिल्ली शहर में 19 जंगल हैं, जिनमें से चार को और विकास के लिए चुना गया है।
मंत्री ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि इनमें पश्चिमी दिल्ली में मित्राऊं सिटी फॉरेस्ट (98 एकड़), उत्तरी दिल्ली में अलीपुर सिटी फॉरेस्ट (48 एकड़), उत्तर-पूर्वी दिल्ली में गढ़ी मांडू सिटी फॉरेस्ट (42 एकड़) और दक्षिणी दिल्ली में जौनापुर सिटी फॉरेस्ट (98 एकड़) शामिल हैं। इन चारों सिटी फॉरेस्ट में केवल पर्यावरण हितैषी विकास के कार्य ही किए जाएंगे।
वन विभाग इन सिटी फॉरेस्ट में मेडिटेशन हट, घास और मिट्टी के अखाड़े और नर्सरियां विकसित करेगा। इसके साथ ही वहां बर्ड वॉचिंग और जंगल वॉक जैसी बाहरी गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि यह भी सिफारिश की गई है कि इन सभी सिटी फॉरेस्ट को एक खुले म्यूजियम या एक जीवित प्रयोगशाला के रूप में विकसित किया जाए। राय ने कहा कि सरकार एक संचालन कमेटी गठित करने जा रही है जो इन चार विश्व स्तरीय सिटी फॉरेस्ट्स के विकास की निगरानी करेगी।
उन्होंने कहा कि हमारी सरकार दिल्ली के लोगों को एक ऐसा स्थान प्रदान करना चाहती है, जहां वे प्रकृति की सराहना करें और अगली पीढ़ी को इसके बारे में शिक्षित करें।
मंत्री ने कहा कि अरविंद केजरीवाल सरकार द्वारा किए गए उपायों के कारण दिल्ली का हरित क्षेत्र 2013 में 20 प्रतिशत से बढ़कर 2021 में 23.06 प्रतिशत हो गया है। उन्होंने कहा कि दिल्ली ने प्रति व्यक्ति वन क्षेत्र के मामले में देश के अन्य सभी शहरों को भी पीछे छोड़ दिया है।













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