बेंगलुरु : प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की शिकायत के आधार पर कर्नाटक पुलिस ने एक अमेरिकी मिशनरी संगठन और छह व्यक्तियों के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) सहित विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। आरोप है कि विदेशी धन का उपयोग कथित रूप से नक्सली गतिविधियों को बढ़ावा देने और धर्मांतरण संबंधी अभियानों में किया गया।
पुलिस के अनुसार मामला अमेरिकी मिशनरी संगठन द टिमोथी इनिशिएटिव (टीटीआई) से जुड़ा है। ईडी की जांच में दावा किया गया है कि लगभग 95 करोड़ रुपये की राशि विभिन्न माध्यमों से भारत लाई गई और उसका उपयोग कथित रूप से अवैध गतिविधियों में किया गया।
जांच एजेंसियों का आरोप है कि विदेशी धन के लेन-देन के लिए बड़ी संख्या में विदेशी डेबिट कार्डों का इस्तेमाल किया गया। प्रारंभिक जांच में ऐसे लगभग एक हजार डेबिट कार्डों के उपयोग की जानकारी सामने आई है। अधिकारियों का कहना है कि इन कार्डों के जरिए विभिन्न राज्यों में नकदी निकाली गई, जिससे धन के स्रोत और उपयोग को छिपाने का प्रयास किया गया।
एफआईआर में संगठन के अलावा बेंगलुरु, मैसूरु, छत्तीसगढ़ और असम से जुड़े छह लोगों को भी नामजद किया गया है। आरोपियों पर आपराधिक साजिश, जालसाजी, धोखाधड़ी और गैरकानूनी गतिविधियों में संलिप्तता से संबंधित धाराएं लगाई गई हैं।
ईडी की जांच के दौरान कुछ संदिग्ध वित्तीय लेन-देन नक्सल प्रभावित क्षेत्रों से जुड़े पाए गए। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि क्या इन धनराशियों का उपयोग वामपंथी उग्रवाद से संबंधित गतिविधियों में किया गया था। इसके अलावा कुछ शेल कंपनियों की भूमिका भी जांच के दायरे में है, जिनके माध्यम से कथित रूप से धन के प्रवाह को छिपाया गया।
पुलिस ने मामले की विस्तृत जांच के लिए विशेष टीम गठित की है। अधिकारियों का कहना है कि बैंक खातों, डिजिटल लेन-देन, दस्तावेजों और अन्य वित्तीय रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।













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