नई दिल्ली : आम आदमी पार्टी (आप) के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने कहा है कि पार्टी के पूर्व रणनीतिकार और राज्यसभा सांसद संदीप पाठक के पार्टी छोड़ने की किसी को कोई पूर्व जानकारी नहीं थी। उन्होंने कहा कि संदीप पाठक का फैसला पार्टी के लिए बड़ा झटका था और इस घटनाक्रम ने नेताओं एवं कार्यकर्ताओं को हैरान कर दिया।
एक मीडिया बातचीत में संजय सिंह ने कहा कि संदीप पाठक उन नेताओं में शामिल थे जिन्हें पार्टी का सबसे समर्पित और भरोसेमंद चेहरा माना जाता था। उनके अनुसार, किसी ने कल्पना भी नहीं की थी कि वह पार्टी से अलग होने का निर्णय लेंगे। संजय सिंह ने कहा कि जब यह खबर सामने आई तो उन्हें देशभर से फोन आए और अधिकांश लोगों ने इस पर आश्चर्य व्यक्त किया।
संजय सिंह ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी विपक्षी दलों के नेताओं को अपने साथ जोड़ने के लिए विभिन्न प्रकार के दबावों और राजनीतिक रणनीतियों का इस्तेमाल कर रही है। उन्होंने दावा किया कि आम आदमी पार्टी के कई नेताओं के पार्टी छोड़ने के पीछे भी इसी प्रकार के दबाव काम कर रहे थे।
उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी उन नेताओं के खिलाफ उपलब्ध संवैधानिक और कानूनी विकल्पों पर विचार कर रही है जिन्होंने पार्टी छोड़कर भाजपा का दामन थामा है। संजय सिंह के अनुसार, आम आदमी पार्टी लोकतांत्रिक मूल्यों और अपनी राजनीतिक विचारधारा के साथ मजबूती से खड़ी रहेगी।
गौरतलब है कि अप्रैल 2026 में आम आदमी पार्टी को उस समय बड़ा झटका लगा था जब राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा, संदीप पाठक, अशोक मित्तल सहित कई सांसदों ने पार्टी से अलग राह चुन ली थी। संदीप पाठक को पार्टी के संगठन विस्तार और चुनावी रणनीति के प्रमुख सूत्रधारों में गिना जाता था, इसलिए उनका जाना आम आदमी पार्टी के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना गया।
इस बीच राजनीतिक हलकों में इस घटनाक्रम को आम आदमी पार्टी के लिए एक बड़े संगठनात्मक संकट के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि पार्टी नेतृत्व का कहना है कि वह इस चुनौती से उबरकर संगठन को और मजबूत बनाने की दिशा में काम करेगा।













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