वॉशिंगटन: व्हाइट हाउस ने ट्रम्प प्रशासन की एच-1बी वीज़ा नीति का बचाव करते हुए कहा है कि नई आवेदन प्रक्रिया में प्रस्तावित 1 लाख डॉलर की शुल्क राशि “प्रणाली के दुरुपयोग को रोकने की दिशा में महत्वपूर्ण पहला कदम” है। यह बयान आईएएनएस को दिए गए एक विशेष प्रतिक्रिया में सामने आया।
व्हाइट हाउस की प्रवक्ता टेलर रोजर्स ने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने “आधुनिक इतिहास में किसी भी अन्य राष्ट्रपति की तुलना में कहीं अधिक प्रभावी ढंग से आव्रजन कानूनों को कड़ा किया है और अमेरिकी श्रमिकों को प्राथमिकता दी है।”
उन्होंने कहा, “नई एच-1बी आवेदनों पर लगाया गया 100,000 डॉलर का शुल्क प्रणाली के दुरुपयोग को रोकने में मदद करेगा और यह सुनिश्चित करेगा कि अमेरिकी कर्मियों को कम वेतन वाले विदेशी कर्मचारियों से प्रतिस्थापित न किया जाए।”
रोजर्स ने यह भी बताया कि श्रम विभाग ने हाल ही में ‘प्रोजेक्ट फायरवॉल’ नामक एक नई जांच पहल शुरू की है, जिसके तहत उन कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई होगी जो एच-1बी नियमों का उल्लंघन कर रही हैं।
उन्होंने कहा, “प्रशासन यह सुनिश्चित कर रहा है कि एच-1बी वीज़ा केवल उच्च-कौशल वाले विदेशी पेशेवरों के लिए इस्तेमाल हो, न कि ऐसे कम वेतन वाले श्रमिकों के लिए जो अमेरिकी कामगारों को विस्थापित कर दें।”
इस प्रतिक्रिया से कुछ दिन पहले ही राष्ट्रपति ट्रम्प ने एक इंटरव्यू में एच-1बी कार्यक्रम का समर्थन किया था। फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में जब उनसे पूछा गया कि क्या प्रशासन एच-1बी को कम प्राथमिकता देने की योजना बना रहा है, तो ट्रम्प ने कहा, “आपको प्रतिभा लानी ही पड़ेगी।”
होस्ट लौरा इंग्राहम के “हमारे पास काफी प्रतिभा है” कहने पर उन्होंने जवाब दिया, “नहीं, आपके पास नहीं।”
ट्रम्प ने कहा, “कुछ खास कौशल ऐसे होते हैं जिन्हें बेरोजगार लाइन से उठाकर तुरंत सिखाया नहीं जा सकता। आप किसी को मिसाइल बनाने की फैक्ट्री में ऐसे ही नहीं भेज सकते।”
ट्रम्प की इस टिप्पणी के बाद अमेरिका में तीखी राजनीतिक बहस छिड़ गई। कई रिपब्लिकन और रूढ़िवादी नेताओं ने एच-1बी कार्यक्रम को समाप्त करने की मांग तेज कर दी।
शुक्रवार को रिपब्लिकन सांसद मार्जोरी टेलर ग्रीन ने एक्स पर पोस्ट कर दोहराया कि वह “मेडिकल सेक्टर को छोड़कर सभी क्षेत्रों में एच-1बी वीज़ा प्रतिबंधित करने” का बिल लाने वाली हैं।
उन्होंने तर्क दिया कि एच-1बी खत्म करने से आवास संकट भी कम होगा और अधिक नौकरियाँ अमेरिकियों को मिल सकेंगी।
हालांकि, वाशिंगटन स्थित थिंक टैंक थर्ड वे में सोशल पॉलिसी की निदेशक सारा पियर्स ने इस कदम को “अमेरिकियों को नुकसान पहुँचाने का सबसे कारगर तरीका” बताया।
आईएएनएस से बातचीत में पियर्स ने चेतावनी दी, “विदेशी कर्मियों—खासतौर पर चिकित्सा क्षेत्र के पेशेवरों—की आपूर्ति रोकने से स्वास्थ्य सेवाएँ तुरंत चरमरा जाएँगी और कई ‘टाली जा सकने वाली मौतें’ होंगी।”













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