नई दिल्ली:भारत ने अरुणाचल प्रदेश पर चीन के दावे को पूरी तरह से बकवास बताया है। मंगलवार को जारी बयान में भारत ने इसे देश का बेहद अहम हिस्सा बताया है। बीते हफ्ते चीनी रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ने अरुणाचल प्रदेश को चीन का हिस्सा बताया था। साथ ही कहा था कि वह भारत द्वारा यहां किए जा रहे निर्माण कार्यों का विरोध करता है। इन बयानों का उत्तर देते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि अरुणाचल प्रदेश को लेकर चीन की तरफ से किए गए सभी दावे पूरी तरह से बकवास हैं।
बार-बार कहने से सच नहीं बदल जाएगा
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने आगे कहा कि चीन द्वारा बार-बार इस तरह के आधारहीन दावे करने से सच्चाई नहीं बदल जाएगी। उन्होंने कहा कि अरुणाचल प्रदेश हमेशा से भारत का आंतरिक हिस्सा था है और रहेगा। उन्होंने कहा कि इस प्रदेश के लोगों को भारत के विकास कार्यों का फायदा मिलता रहेगा। चीन द्वारा सेला टनल को लेकर आपत्ति उठाने संबंधी बयान सवाल के जवाब में उन्होंने यह बात कही। गौरतलब है कि एलएसी पर टकराव के बाद दोनों देशों के रिश्ते सामान्य नहीं हैं। भारत ने हमेशा कहा है कि जब तक सीमा पर हालात शांतिपूर्ण नहीं हो जाते, द्विपक्षीय संबंध सामान्य नहीं होंगे।
सेला टनल पर भी चीन की आपत्ति
गौरतलब है कि हाल ही में भारत ने सेला टनल का उद्धाटन किया है। 825 करोड़ रुपए की लागत वाले इस प्रोजेक्ट को सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) ने तैयार किया है। यह दुनिया की सबसे लंबी दोहरे लेन वाली टनल है, जो 13 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित है। यह टनल सभी मौसम में चालू रहेगी। इसके जरिए तवांग सेक्टर में एलएसी पर जवानों और हथियारों को पहुंचाया जा सकेगा। शुक्रवार को चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने अरुणाचल में भारत द्वारा किए जा रहे निर्माण कार्यों को मान्यता देने से मना कर दिया। सीनियर कर्नल झैंग जियाओगैंग ने कहा कि भारत-चीन सीमा पर हालात स्थिर हैं। साथ ही यह भी कहा कि दोनों पक्ष डिप्लोमैटिक और मिलिट्री चैनल्स के जरिए सीमा से जुड़े मामलों पर बातचीत करते रहते हैं।













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