कोलकाता : पश्चिम बंगाल की राजनीति में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के भीतर चल रही खींचतान एक बार फिर सामने आ गई है। पार्टी से अलग रुख अपनाने वाले बागी गुट ने मुख्यमंत्री और टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी के सामने अपनी वापसी को लेकर शर्त रखी है। गुट का कहना है कि कुछ महत्वपूर्ण मुद्दों पर बदलाव किए जाते हैं तो वह दोबारा पार्टी के साथ आने पर विचार कर सकता है।
बागी नेताओं ने संगठन में फैसले लेने के तरीके और पार्टी के भीतर पुराने नेताओं की भूमिका को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की है। उनका आरोप है कि कुछ समय से पार्टी में संवाद की कमी रही है और कार्यकर्ताओं व वरिष्ठ नेताओं की अपेक्षाओं को पर्याप्त महत्व नहीं मिला।
बागी गुट की ओर से संकेत दिए गए हैं कि वह ममता बनर्जी के नेतृत्व का सम्मान करता है, लेकिन संगठन को मजबूत करने के लिए कुछ फैसलों में बदलाव जरूरी है। नेताओं का कहना है कि यदि उनकी मांगों पर सकारात्मक कदम उठाए जाते हैं तो पार्टी में फिर से एकता की संभावना बन सकती है।
राजनीतिक जानकारों के अनुसार, टीएमसी में उठे ये मतभेद आगामी चुनावी रणनीति के लिहाज से अहम माने जा रहे हैं। पार्टी के भीतर चल रही यह खींचतान ममता बनर्जी के नेतृत्व और संगठनात्मक संतुलन के लिए चुनौती बन सकती है।
हालांकि, टीएमसी नेतृत्व की ओर से बागी गुट के बयान पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई है। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि पार्टी नेतृत्व इस प्रस्ताव पर क्या रुख अपनाता है।













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