स्पोर्ट्स डेस्क: भारतीय क्रिकेट के दिग्गज बल्लेबाज और पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर ने इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) की लगातार हो रही आलोचनाओं पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा है कि विश्व क्रिकेट में कई लोग भारतीय क्रिकेट से मिलने वाले आर्थिक लाभों का आनंद लेते हैं, लेकिन जब बात बीसीसीआई और आईपीएल की आती है तो वही लोग दोहरे मानदंड अपनाने लगते हैं।
गावस्कर की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब इंग्लैंड सहित कुछ देशों के पूर्व क्रिकेटरों और विशेषज्ञों ने खिलाड़ियों द्वारा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की तुलना में फ्रेंचाइजी क्रिकेट को प्राथमिकता दिए जाने पर सवाल उठाए हैं। विशेष रूप से इंग्लैंड के तेज गेंदबाज जोफ्रा आर्चर के राष्ट्रीय टीम की प्रतिबद्धताओं के बीच आईपीएल में खेलने को लेकर उठी बहस ने इस मुद्दे को और हवा दी है।
अपने एक कॉलम में गावस्कर ने कहा कि भारतीय क्रिकेट आज विश्व क्रिकेट की आर्थिक धुरी बन चुका है। दुनिया भर के क्रिकेट बोर्ड, खिलाड़ी और प्रसारण संस्थान भारतीय दर्शकों और भारतीय बाजार से मिलने वाले राजस्व का लाभ उठा रहे हैं। इसके बावजूद भारतीय क्रिकेट और बीसीसीआई को लेकर लगातार आलोचना की जाती है, जो समझ से परे है।
पूर्व भारतीय कप्तान ने यह भी रेखांकित किया कि आईपीएल विश्व की उन चुनिंदा लीगों में शामिल है जो विदेशी खिलाड़ियों के राष्ट्रीय क्रिकेट बोर्डों को भी प्रत्यक्ष आर्थिक लाभ पहुंचाती हैं। उन्होंने बताया कि आईपीएल में खेलने वाले विदेशी खिलाड़ियों की फीस का एक हिस्सा संबंधित क्रिकेट बोर्डों को दिया जाता है, जिससे उन्हें हर वर्ष उल्लेखनीय आय प्राप्त होती है।
गावस्कर ने सवाल उठाया कि क्या अन्य प्रमुख टी-20 लीगों में भी विदेशी खिलाड़ियों के बोर्डों को इसी प्रकार का वित्तीय लाभ मिलता है। उनके अनुसार अधिकांश लीगों में ऐसी व्यवस्था नहीं है, जबकि आईपीएल लगातार वैश्विक क्रिकेट संरचना को आर्थिक मजबूती प्रदान कर रहा है।
उन्होंने कहा कि भारतीय क्रिकेट के योगदान को स्वीकार करने के बजाय कुछ लोग केवल आलोचना करने में लगे रहते हैं। गावस्कर का मानना है कि विश्व क्रिकेट के विकास में भारत और बीसीसीआई की भूमिका को नकारा नहीं जा सकता और इस वास्तविकता को स्वीकार किया जाना चाहिए।
गौरतलब है कि फ्रेंचाइजी क्रिकेट और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के बीच संतुलन को लेकर बहस लंबे समय से जारी है। हालांकि, गावस्कर के ताजा बयान ने इस चर्चा को एक नया आयाम दे दिया है। उनका स्पष्ट संदेश है कि यदि विश्व क्रिकेट भारतीय क्रिकेट से मिलने वाले आर्थिक लाभों का स्वागत करता है, तो उसे भारतीय क्रिकेट की भूमिका और योगदान का सम्मान भी करना चाहिए।













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