स्पोर्ट्स डेस्क : भारतीय महिला हॉकी टीम की गोलकीपरों ने हाल ही में आयोजित विशेष हाई परफॉर्मेंस प्रशिक्षण शिविर को अपने खेल विकास के लिए अत्यंत उपयोगी बताया है। यह 11 दिवसीय कैंप 22 अप्रैल से 2 मई 2026 तक बेंगलुरु स्थित खेल प्राधिकरण केंद्र में आयोजित किया गया।
इस विशेष प्रशिक्षण शिविर का संचालन अनुभवी गोलकीपिंग कोच डेविड विलियमसन ने किया, जबकि इसकी निगरानी मुख्य कोच सोजर्ड मारिन ने की। इस कार्यक्रम को कोका-कोला इंडिया फाउंडेशन का भी सहयोग प्राप्त हुआ।
इस कैंप में भारतीय महिला टीम की प्रमुख गोलकीपर सविता के साथ-साथ बिचु देवी खरीबाम, बंसरी सोलंकी और मधुरी किंडो ने भाग लिया। प्रशिक्षण के दौरान खिलाड़ियों को तकनीकी सुधार, तेज प्रतिक्रिया क्षमता, रक्षात्मक समन्वय और मैच जैसी परिस्थितियों में निर्णय लेने की क्षमता पर विशेष रूप से प्रशिक्षित किया गया।
अनुभवी गोलकीपर सविता ने कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण शिविर खिलाड़ियों के आत्मविश्वास को बढ़ाने में अहम भूमिका निभाते हैं। उन्होंने बताया कि अभ्यास के दौरान वास्तविक मैच जैसी परिस्थितियाँ तैयार की जाती हैं, जिससे अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में प्रदर्शन बेहतर होता है।
उन्होंने यह भी कहा कि वरिष्ठ खिलाड़ी होने के नाते उनका दायित्व केवल अपने प्रदर्शन को बेहतर करना ही नहीं, बल्कि युवा खिलाड़ियों का मार्गदर्शन करना भी है, जिससे टीम का सामूहिक प्रदर्शन मजबूत होता है।
कोच डेविड विलियमसन ने कहा कि गोलकीपरों को दबाव की स्थिति में सही निर्णय लेने और तेजी से प्रतिक्रिया देने के लिए लगातार अभ्यास की आवश्यकता होती है। वहीं मुख्य कोच सोजर्ड मारिन ने कहा कि ऐसे केंद्रित प्रशिक्षण शिविर आगामी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की तैयारी के लिए अत्यंत आवश्यक हैं।
टीम प्रबंधन के अनुसार यह हाई परफॉर्मेंस कैंप भारतीय महिला हॉकी की गोलकीपिंग इकाई को और अधिक मजबूत और प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ है।













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