डेस्क : देश में मेमोरी (डेटा स्टोरेज) चिप निर्माण क्षेत्र में निवेश आने वाले समय में और बढ़ सकता है। केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा है कि वैश्विक स्तर पर बढ़ती मांग और आपूर्ति में असंतुलन के चलते इस क्षेत्र में नई कंपनियां भारत में निवेश के लिए आगे आएंगी, जबकि पहले से मौजूद निवेशक भी उत्पादन क्षमता का विस्तार करेंगे।
मंत्री के अनुसार, दुनिया भर में मेमोरी चिप्स की मांग लगातार बढ़ रही है, जिसके कारण सप्लाई चेन पर दबाव बना हुआ है। इसी वजह से कई कंपनियां उत्पादन क्षमता बढ़ाने और नए संयंत्र स्थापित करने की दिशा में कदम उठा रही हैं। उन्होंने कहा कि इसका सीधा लाभ भारत जैसे उभरते इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण केंद्र को मिलेगा।
वैष्णव ने यह भी संकेत दिया कि भारत में सेमीकंडक्टर मिशन के तहत पहले से स्वीकृत परियोजनाएं तेजी से आगे बढ़ रही हैं और आने वाले वर्षों में देश में चिप निर्माण का मजबूत पारिस्थितिकी तंत्र विकसित होगा। इससे न केवल घरेलू जरूरतें पूरी होंगी बल्कि भारत वैश्विक सप्लाई चेन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि मेमोरी चिप्स का उपयोग स्मार्टफोन, लैपटॉप, सर्वर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में बड़े पैमाने पर होता है, ऐसे में इस क्षेत्र में निवेश बढ़ना भारत के लिए रणनीतिक रूप से अहम है।













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