डेस्क:राजस्थान के भरतपुर जिले से एक ऐसी दर्दनाक घटना सामने आई है जिसने इंसानियत को झकझोर कर रख दिया। झीलरा गांव की कांटों से भरी झाड़ियों में दो दिन के एक नवजात को झाड़ियों में फेंक दिया गया। मासूम का मुंह कपड़े से इस तरह बांधा गया था कि उसकी रोने की आवाज किसी को सुनाई न दे सके। जब तक ग्रामीणों तक खबर पहुंची, तब तक जंगली जानवर उस नवजात के हाथ-पैर को नोच चुके थे। मासूम के शरीर से जगह-जगह खून बह रहा था। फिलहाल बच्चे को गंभीर हालत में भरतपुर के जनाना अस्पताल के NICU वार्ड में भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टर उसकी जान बचाने की कोशिश में जुटे हैं।
गुरुवार दोपहर झीलरा गांव की कुछ महिलाएं पास के जंगल में लकड़ी काटने गई थीं। तभी उन्हें कांटों वाली झाड़ियों से किसी बच्चे के रोने जैसी आवाज सुनाई दी। पहले तो उन्होंने सोचा कि शायद कोई जानवर की आवाज है, लेकिन कुछ देर सुनने के बाद उन्हें शक हुआ। महिलाएं जब झाड़ियों के पास गईं, तो दृश्य देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। झाड़ियों के बीच एक नवजात पड़ा हुआ था, जिसका मुंह कपड़े से कसकर बांधा गया था और शरीर पर खून के धब्बे थे।
महिलाओं ने तुरंत गांव के लोगों को सूचना दी। ग्रामीण भी मौके पर पहुंचे और बच्चे को सावधानी से उठाकर सेवर अस्पताल ले गए। वहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने स्थिति गंभीर बताई और उसे तुरंत भरतपुर के जनाना अस्पताल रेफर कर दिया।
जनाना अस्पताल के डॉक्टर हिमांशु ने बताया कि गुरुवार दोपहर करीब 12 बजे दो लोग एक नवजात को लेकर अस्पताल पहुंचे। बच्चे के पैरों से लगातार खून बह रहा था और शरीर पर कई जगह गहरे घाव थे। डॉक्टरों के मुताबिक, बच्चा लगभग दो दिन का है और उस पर संभवतः जंगली जानवरों ने हमला किया है। डॉक्टरों ने बताया कि बच्चे को NICU वार्ड में रखा गया है और उसकी हालत नाजुक बनी हुई है।
घटना की जानकारी मिलते ही बाल कल्याण समिति (CWC) के अध्यक्ष राजा राम भुतौली अपनी टीम और चाइल्ड हेल्पलाइन के साथ अस्पताल पहुंचे। उन्होंने बताया कि बच्चे को झीलरा गांव की झाड़ियों से बरामद किया गया है। “जब हमने बच्चे को देखा, तो शरीर पर जगह-जगह जानवरों के काटने के निशान थे। यह देखकर लग रहा था कि बच्चा कई घंटों से वहां पड़ा हुआ था,” उन्होंने कहा।
राजा राम ने बताया कि फिलहाल बाल कल्याण समिति बच्चे के इलाज की पूरी जिम्मेदारी ले रही है और पुलिस को घटना की पूरी जानकारी दे दी गई है। समिति ने आशंका जताई है कि किसी ने जानबूझकर बच्चे को मारने की नीयत से झाड़ियों में फेंका है ताकि उसकी आवाज कोई न सुन सके।
घटना के बाद झीलरा गांव में दहशत और गुस्से का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि यह काम किसी बेरहम इंसान का हो सकता है, जो बच्चे की मासूम जान तक की परवाह नहीं कर सका। गांव की महिलाएं भी इस घटना से बेहद आहत हैं।
नगला झीलरा निवासी भीम सिंह ने बताया, “हम गांव वाले उस समय मौके पर पहुंचे तो बच्चा मुश्किल से सांस ले रहा था। यह दृश्य इतना दर्दनाक था कि किसी की भी आंखों से आंसू रुक नहीं पा रहे थे।”
सेवर थाना पुलिस ने मौके से सबूत जुटाकर जांच शुरू कर दी है। पुलिस इस बात की पड़ताल कर रही है कि बच्चा किसका है और किसने उसे इस हालत में झाड़ियों में फेंका। आसपास के अस्पतालों और दाईयों से भी पूछताछ की जा रही है ताकि बच्चे की जन्म से जुड़ी जानकारी मिल सके।













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