लखनऊ:महिला पहलवानों के आरोपों में घिरे यूपी के कैसरगंज बीजेपी सांसद बृजभूषण शरण सिंह की मुश्किलें बढ़ती ही जा रही हैं। रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण पर अब नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल एनजीटी ने शिकंजा कसा है। एनजीटी ने अवैध खनन के मामले में बृजभूषण शरण को नोटिस जारी किया है। एनजीटी ने कैसरगंज सांसद के खिलाफ अवैध रेत खनन मामले में संयुक्त कमेटी को जांच करने के लिए आदेश दे दिया है कमेटी को 7 नवंबर तक अपनी वोट दाखिल करने के लिए समय दिया है।
वहीं इस मामले में एमओईएफ, सीपीसीबी, राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन और यूपी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की संयुक्त कमेटी अवैध खनन और ओवरलोड ट्रकों के माध्यम से अवैध परिवहन से पर्यावरण के नुकसान की जांच करेगी। एनजीटी ने निर्देश दिया है कि कमेटी स्थलीय निरीक्षण कर अपनी जांच रिपोर्ट दाखिल करेगी।
दरअसल, एनजीटी को शिकायत पत्र मिला था कि यूपी के गोंडा जिले में अवैध रेत खनन ओवरलोड ट्रकों से पर्यावरण को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। शिकायत के बाद एनजीटी ने अवैध रेत खनन और ट्रकों पर रोक लगा दी। बताया गया 3 गांवों में अवैध रेत खनन हो रहा है और रेत अवैध रूप से बेची जा रही है। वही ओवरलोडेड ट्रकों के चलने से सड़क को भी क्षति पहुंच रही है।
बृजभूषण का आरोपों से इनकार
वहीं, बृजभूषण शरण सिंह का कहना है कि उनका या उनके परिवार से इस मामले से कोई लेना देना नहीं है। खनन में मैं संलिप्त नहीं हूं। ऐसी कोई घटना नहीं है। आदमी बोगस है, घटना बोगस है।













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