नई दिल्ली:वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी को लेकर सतर्कता बरतने की सलाह दी है। निर्मला सीतारमण ने कहा कि ‘एनॉनिमिटी’ यानी पहचान उजागर नहीं होना एक अंतर्निहित जोखिम है और इस टेक्नोलॉजी के बढ़ते उपयोग को देखते हुए सतर्कता बरतने की जरूरत है।
इसके साथ ही निर्मला सीतारमण ने यह स्पष्ट किया कि ‘ड्रिस्टिब्यूटेड लेजर टेक्नोलॉजी (डीएलटी)’ यानी ‘ब्लॉकचेन’ का इस्तेमाल करना पूरी तरह से ‘अपरिहार्य’ है और सरकार भी इसके उपयोग का समर्थन करती है। सीतारमण ने कहा, ‘‘इस पूरी चीज में एनॉनिमिटी यानी एक अज्ञात अवयव मौजूद है। यह कोई व्यक्ति, कोई रोबोट, कोई भी हो सकता है और हम उसे भावी चुनौती मानकर खुद को तैयार कर रहे हैं।’’
उन्होंने डीएलटी को एक बढ़िया टेक्नोलॉजी बताने के साथ ही अनामता को इससे जुड़ा जोखिम बताते हुए कहा कि इससे हमें अपनी सुरक्षा करनी होगी।
वहीं, बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) की अध्यक्ष माधवी पुरी बुच ने कहा कि हम नहीं चाहते कि सीबीडीसी में कोई भी अज्ञात कारक हो। आपको बता दें कि भारत अपनी डिजिटल मुद्रा ‘सीबीडीसी’ लाने की तैयारी में है जो कि ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी पर ही आधारित होगी। सीतारमण ने वित्त वर्ष 2022-23 का बजट पेश करते समय सीबीडीसी लाने की घोषणा की थी।













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