• Latest
  • Trending
  • All
  • बिजनेस
बुद्धदेब भट्टाचार्य के दौर का कौन सा विवाद था

बुद्धदेब भट्टाचार्य के दौर का कौन सा विवाद था, जिससे खत्म हुआ 34 साल का वामपंथी शासन

August 8, 2024
लेबनान युद्ध खत्म करो, तभी होगी बात; ईरान ने अमेरिका के सामने रखी बड़ी शर्त

लेबनान युद्ध खत्म करो, तभी होगी बात; ईरान ने अमेरिका के सामने रखी बड़ी शर्त

June 21, 2026
भारत ने जीती ट्राई सीरीज, फाइनल में श्रीलंका को रौंदा; सूर्यवंशी ने काटा गदर

भारत ने जीती ट्राई सीरीज, फाइनल में श्रीलंका को रौंदा; सूर्यवंशी ने काटा गदर

June 21, 2026
धर्म के विधान से संचालित हो राजनीति : युगप्रधान अनुशास्ता महाश्रमण

धर्म के विधान से संचालित हो राजनीति : युगप्रधान अनुशास्ता महाश्रमण

June 21, 2026
बंगाल को पाकिस्तान में मिलाने की थी साजिश, कांग्रेस पर जमकर बरसे पीएम मोदी

बंगाल को पाकिस्तान में मिलाने की थी साजिश, कांग्रेस पर जमकर बरसे पीएम मोदी

June 21, 2026
23 जून को लद्दाख बंद का ऐलान, केंद्र पर लगाया धोखे का आरोप

23 जून को लद्दाख बंद का ऐलान, केंद्र पर लगाया धोखे का आरोप

June 21, 2026
राम मंदिर में चोरी नहीं डाका; नृपेंद्र मिश्रा के बयानों से मुश्किल में ट्रस्ट

राम मंदिर में चोरी नहीं डाका; नृपेंद्र मिश्रा के बयानों से मुश्किल में ट्रस्ट

June 21, 2026
कोलकाता में भव्य आयोजन, हजारों लोगों के बीच पीएम मोदी ने किया योग

कोलकाता में भव्य आयोजन, हजारों लोगों के बीच पीएम मोदी ने किया योग

June 21, 2026
फिजिक्स के सवालों ने उलझाया, कैसा रहा दोबारा हुआ नीट यूजी का पेपर

फिजिक्स के सवालों ने उलझाया, कैसा रहा दोबारा हुआ नीट यूजी का पेपर

June 21, 2026
योगी

विवादित संपत्तियों की बिक्री पर लगेगी रोक, यूपी सरकार ला रही यूनिक प्रॉपर्टी आईडी व्यवस्था

June 21, 2026
एसआईआर प्रक्रिया के बीच उत्तर 24 परगना में बुजुर्ग की मौत

आलू के कारोबार में 22 लाख रुपये का नुकसान, युवा व्यापारी ने की आत्महत्या

June 21, 2026
ट्रंप का बयान: ईरान पर जीत के बाद ही होगा कोई नया नेतृत्व

हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर टोल नहीं वसूला जाएगा, ट्रंप ने ईरान को दी चेतावनी

June 21, 2026
भारत ने अमेरिकी आयोग की धार्मिक स्वतंत्रता रिपोर्ट को खारिज किया

मुस्लिम स्थलों पर बयान से बढ़ा विवाद, भारत ने जरदारी को लगाई फटकार

June 21, 2026
  • About
  • Advertise
  • Privacy & Policy
  • Contact
Sunday, June 21, 2026
  • Login
ON THE DOT
  • मुख्य समाचार
  • देश
    • राज्य-शहर
  • विदेश
  • बिजनेस
  • मनोरंजन
  • जीवंत
  • ENGLISH
No Result
View All Result
ON THE DOT
  • मुख्य समाचार
  • देश
    • राज्य-शहर
  • विदेश
  • बिजनेस
  • मनोरंजन
  • जीवंत
  • ENGLISH
No Result
View All Result
ON THE DOT
No Result
View All Result
Home ओपिनियन

बुद्धदेब भट्टाचार्य के दौर का कौन सा विवाद था, जिससे खत्म हुआ 34 साल का वामपंथी शासन

ON THE DOT TEAM by ON THE DOT TEAM
August 8, 2024
in ओपिनियन
Reading Time: 1 min read
A A
0
बुद्धदेब भट्टाचार्य के दौर का कौन सा विवाद था

File Photo

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) ने अपने दिग्गज नेता और पश्चिम बंगाल के पूर्व मुख्यमंत्री बुद्धदेव भट्टाचार्य ने गुरुवार को कोलकाता के बालीगंज स्थित अपने आवास पर अंतिम सांस ली। वह पिछले कई दिनों से सांस लेने में तकलीफ और बुखार से जूझ रहे थे। उनके बेटे सुचेतन भट्टाचार्य ने उनकी मौत की पुष्टि की है। पांच दशक से भी अधिक के राजनीतिक करियर के दौरान बुद्धदेव भट्टाचार्य ने कई उतार चढ़ाव भी देखे। कौन थे बुद्धदेव भट्टाचार्जी जिन्होंने दुनिया के किसी भी क्षेत्र में सबसे ज्यादा दिनों तक चलने वाली वामपंथी सरकार बनाई थी?

बुद्धदेव भट्टाचार्जी एक भारतीय कम्युनिस्ट राजनेता और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के पोलित ब्यूरो के पूर्व सदस्य थे। 2000 से 2011 तक पश्चिम बंगाल के 7वें मुख्यमंत्री रहे। वे भारत के सबसे लंबे समय तक पद पर रहने वाले मुख्यमंत्रियों में से एक भी हैं। भट्टाचार्य पश्चिम बंगाल के पहले मुख्यमंत्री चुने गए थे। उन्होंने 2001 और 2006 में सीपीआई (एम) के नेतृत्व वाले वाम मोर्चे को लगातार दो चुनावों में जीत दिलाई। 2001 में वाम मोर्चे ने 294 विधानसभा सीटों में से 199 सीटें हासिल की। इसके बाद 2006 में उनकी पार्टी को 235 सीटों पर जीत मिली।

उदार नीतियां

वामपंथी होने के बावजूद भट्टाचार्य को व्यापार के संबंध में उनकी अपेक्षाकृत उदार नीतियों के लिए जाना जाता था। यह सीपीआई (एम) की पारंपरिक रूप से पूंजीवाद विरोधी नीतियों के खिलाफ थी। मुख्यमंत्री के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान उन्हें भूमि अधिग्रहण और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हिंसा के आरोपों पर कड़े विरोध का सामना करना पड़ा था। इन विवादों की वजह से पश्चिम बंगाल में वाम मोर्चे के 34 साल के शासन का अंत हो गया था। यह दुनिया की सबसे लंबे समय तक लोकतांत्रिक रूप से निर्वाचित कम्युनिस्ट सरकार थी।

बुद्धदेव भट्टाचार्य ने उद्योग को दिया बढ़ावा

अपने कार्यकाल के दौरान भट्टाचार्य ने निवेश आकर्षित करने और रोजगार पैदा करने के लिए पश्चिम बंगाल में औद्योगिकीकरण अभियान शुरू की। उनकी सरकार ने आईटी और सर्विस सेक्टर में मौके देखे। उन्होंने टाटा नैनो को कोलकाता के पास एक छोटे से गांव सिंगुर में दुनिया की सबसे सस्ती कार की फैक्ट्री स्थापित करने के लिए आमंत्रित किया लेकिन बाद में यही फैसला उनके शासन के अंत का कारण बन गया। इसके अलावा उन्होंने जिंदल समूह की पश्चिम मिदनापुर जिले के सालबोनी में देश के सबसे बड़े स्टील प्लांट बनाने की योजना और नंदीग्राम में एक केमिकल फैक्ट्री बनाने की योजना को भी मंजूरी दी थी।

सिंगूर विवाद क्या था

34 सालों के वामपंथी शासन के पतन का कारण सिंगूर से शुरू हुआ विवाद बना। सिंगूर हुगली विधानसभा के सात विधानसभा क्षेत्रों में से एक है। 2006 में बुद्धदेव भट्टाचार्य की सरकार ने सिंगूर में टाटा मोटर्स को नैनो कार बनाने का आमंत्रण दिया। इसके लिए उन्होंने जमीन अधिग्रहण शुरू कर दिया। सरकार ने लगभग 997 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया था। हालांकि सिंगूर के किसान अपनी उपजाऊ जमीन देने को बिलकुल तैयार नहीं थे और उन्होंने अपनी जमीन देने से इनकार कर दिया। इस विवाद से उपजे विरोध प्रदर्शन ने जल्द ही आंदोलन का रूप ले लिया। पुलिस एक्शन में 14 लोगों की मौत के बाद लोगों का गुस्सा और भड़क गया। इस आंदोलन में नेतृत्व करने के लिए आगे आईं ममता बनर्जी जो बाद में मुख्यमंत्री बनीं। बाद में यह फैक्ट्री गुजरात में लगी। 2016 में सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा अधिगृहीत 997 एकड़ जमीन मालिकों को लौटाने का आदेश दिया।

बुद्धदेव भट्टाचार्य के शासन के पतन की कहानी

सिंगूर विवाद की वजह से 2009 के लोकसभा चुनाव में उनकी पार्टी और उसके सहयोगियों को काफ़ी नुकसान उठाना पड़ा। 2011 के राज्य विधानसभा चुनाव में भट्टाचार्य को अपनी ही सरकार के पूर्व मुख्य सचिव और तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार मनीष गुप्ता ने 16,684 मतों से हरा दिया। वे 1967 में प्रफुल्ल चंद्र सेन के बाद अपनी ही सीट से चुनाव हारने वाले दूसरे पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री बने। वाम मोर्चे को बड़ी हार का सामना करना पड़ा और उन्हें 294 में से केवल 62 सीटें ही मिलीं। भट्टाचार्य ने 13 मई 2011 को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफ़ा दे दिया।

Previous Post

वक्फ बोर्ड संशोधन बिल लोकसभा में पेश, विपक्ष ने किया पुरजोर विरोध

Next Post

आप मुसलमानों के दुश्मन हैं, यह विधेयक उसका सबूत है; वक्फ बिल पर असदुद्दीन ओवैसी

Next Post
वक्फ बिल पर असदुद्दीन ओवैसी

आप मुसलमानों के दुश्मन हैं, यह विधेयक उसका सबूत है; वक्फ बिल पर असदुद्दीन ओवैसी

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recent Posts

  • लेबनान युद्ध खत्म करो, तभी होगी बात; ईरान ने अमेरिका के सामने रखी बड़ी शर्त
  • भारत ने जीती ट्राई सीरीज, फाइनल में श्रीलंका को रौंदा; सूर्यवंशी ने काटा गदर
  • धर्म के विधान से संचालित हो राजनीति : युगप्रधान अनुशास्ता महाश्रमण
  • बंगाल को पाकिस्तान में मिलाने की थी साजिश, कांग्रेस पर जमकर बरसे पीएम मोदी
  • 23 जून को लद्दाख बंद का ऐलान, केंद्र पर लगाया धोखे का आरोप
Stock Market Today by TradingView
  • About
  • Advertise
  • Privacy & Policy
  • Contact
Call us: +91 98330 26960
No Result
View All Result
  • मुख्य समाचार
  • देश
    • राज्य-शहर
  • विदेश
  • बिजनेस
  • मनोरंजन
  • जीवंत
  • ENGLISH

Copyright © 2020 ON THE DOT

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password?

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In