नई दिल्ली:पहली बार घर खरीदना हर किसी के लिए एक मुश्किल काम होता है। आपको इसके लिए लोन के साथ कई सरकारी नियमों का पालन करना पड़ता है। ऐसे समय पर आपको जल्दबाजी में नहीं, बल्कि सोच समझकर फैसले लेने चाहिए। साथी ही इस बात की पूरा जानकारी होनी चाहिए कि कौन- सा दस्तावेज या डॉक्यूमेंट की जांच करनी जरूरी होगी, जिससे आपका काम बिना किसी रुकावट के पूरा हो जाए।
संपत्ति का मालिकाना हक
किसी भी संपत्ति को खरीदने से पहले उसके मालिकाना हक के बारे में जानना बेहद जरूरी होता है। इससे टाइटल डीड के नाम से भी जाना जाता है। इससे संपत्ति के मालिक के बारे में सही जानकारी प्राप्त होती है। वहीं, संपत्ति कहां रजिस्टर्ड है। इसके बारे में जानकारी आपको इसी दस्तावेज से मिल जाएगी।
कमेंसमेंट सर्टिफिकेट
अगर आप किसी बिल्डर से फ्लैट या बना बनाया घर खरीद रहे हैं, तो इस दस्तावेज का होना जरूरी है। इससे आपको कंस्ट्रक्शन क्लीयरेंस सर्टिफिकेट भी कहा जाता है। इससे जानकारी मिलती है कि जिस संपत्ति को आप खरीदना चाहते हैं। उसे बनाने के लिए जरूरी अनुमतियां ली गई हैं या नहीं।
लेआउट रिपोर्ट
किसी भी संपत्ति क खरीदने से उसकी लेआउट रिपोर्ट की जरूर जांच करनी चाहिए। इससे पता चलता है कि बिल्डर में भवन बनाते समय नक्शे से अलग कुछ निर्माण तो नहीं किया है। कई बार बिल्डर्स अधिक मुनाफा कमाने के लिए अतिरिक्त फ्लोर और खुले क्षेत्रों में निर्माण कर देते हैं। ऐसे में अगर आप ऐसी संपत्ति खरीदते हैं, तो कानूनी झंझट में फंस सकते हैं।
ओसी सर्टिफिकेट
ओसी सर्टिफिकेट को स्थानीय प्रशासन की ओर से जारी किया जाता है। इसमें लिखा होता है कि भवन निर्माण में सभी प्रकार के नियमों का पालन किया गया है। इस साथ बिल्डर स्तर पर सभी आवश्यक पानी, सीवेज और बिजली के कनेक्शन लिए गए हैं।













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