जयपुर : जयपुर के निर्माण नगर स्थित महाप्रज्ञ इंटरनेशनल स्कूल के संबोधि सभागार में आयोजित आध्यात्मिक प्रवचन श्रृंखला के अंतर्गत सोमवार को “धैर्य” विषय पर विशेष प्रवचन हुआ। इस अवसर पर मुनि श्री तत्त्व रुचि जी “तरुण” ने कहा कि जीवन में सफलता प्राप्त करने का सबसे बड़ा आधार धैर्य है। बिना धैर्य के कोई भी व्यक्ति स्थायी सफलता हासिल नहीं कर सकता।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में धैर्य की सबसे अधिक आवश्यकता है, लेकिन मोबाइल और सोशल मीडिया के अत्यधिक उपयोग के कारण नई पीढ़ी में धैर्य की कमी लगातार बढ़ रही है। इसके परिणामस्वरूप युवा न केवल सफलता से दूर हो रहे हैं, बल्कि अपने अमूल्य मानव जीवन को भी भटकाव की ओर ले जा रहे हैं।
मुनि श्री ने आगे कहा कि धैर्य के अभाव में आज पारिवारिक और सामाजिक रिश्ते भी कमजोर पड़ते जा रहे हैं। जीवन में तनाव और अशांति का बढ़ना भी अधीरता का ही परिणाम है।
इस अवसर पर मुनि श्री संभव कुमार जी ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि इतिहास में जितने भी महापुरुष और महान व्यक्तित्व हुए हैं, उन्होंने अपनी मंजिल धैर्य के बल पर ही प्राप्त की है। अधीरता को उन्होंने असफलता का प्रमुख कारण बताया। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि प्रकृति भी हमें धैर्य का पाठ पढ़ाती है—एक बीज समय और धैर्य के साथ ही फल देता है।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि व्यक्ति को गुणवान और महान बनना है तो उसे पहले धैर्यवान बनना होगा। जीवन में परिस्थितियां हमेशा एक समान नहीं रहतीं, लेकिन जो व्यक्ति हर स्थिति में संतुलन बनाए रखता है और धैर्यपूर्वक उसे स्वीकार करता है, वही अंततः सफलता के शिखर तक पहुंचता है।
कार्यक्रम की शुरुआत तीर्थंकर संभव प्रभु की स्तुति के साथ हुई। इस दौरान जप-तप के विविध अनुष्ठान भी संपन्न हुए। अंत में मंगलपाठ के साथ सभा का समापन हुआ।













मुख्य समाचार
देश
राज्य-शहर
विदेश
बिजनेस
मनोरंजन
जीवंत
