डेस्क : विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने अपने जमैका दौरे के दौरान ऐतिहासिक ओल्ड हार्बर स्थल का भ्रमण किया, जिसे कैरेबियाई क्षेत्र में भारतीय प्रवासन इतिहास का एक महत्वपूर्ण प्रतीक माना जाता है।
ओल्ड हार्बर वही स्थान है जहाँ लगभग 180 वर्ष पूर्व भारतीय समुदाय के शुरुआती प्रवासी पहुंचे थे। इस ऐतिहासिक स्थल पर पहुंचकर विदेश मंत्री ने भारतीय प्रवासी इतिहास से जुड़े स्मारकों और स्मृतियों का अवलोकन किया तथा भारतीय समुदाय के योगदान को नमन किया।
अपने दौरे के दौरान डॉ. जयशंकर ने जमैका में रह रहे भारतीय मूल के प्रवासी समुदाय के सदस्यों से भी मुलाकात की। उन्होंने कहा कि भारतीय प्रवासी समुदाय ने अपनी सांस्कृतिक पहचान, परंपराओं और मूल्यों को पीढ़ियों तक संजोए रखा है, जो भारत और जमैका के बीच गहरे मानवीय संबंधों का प्रमाण है।
इस अवसर पर जमैका सरकार के मंत्री ओलिविया “बैबसी” ग्रेंज और एडमंड बार्टलेट भी उपस्थित रहे। विदेश मंत्री ने उनकी उपस्थिति और भारत-जमैका संबंधों को मजबूत करने के प्रयासों के लिए आभार व्यक्त किया।
डॉ. जयशंकर ने कहा कि भारत और जमैका के संबंध केवल कूटनीतिक स्तर तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह संबंध साझा इतिहास, सांस्कृतिक जुड़ाव और लोगों के आपसी रिश्तों पर आधारित हैं। उन्होंने प्रवासी भारतीयों को दोनों देशों के बीच “जीवंत सेतु” बताया।
विदेश मंत्री का यह दौरा भारत की कैरेबियाई देशों के साथ संबंधों को और मजबूत करने की व्यापक कूटनीतिक पहल का हिस्सा माना जा रहा है। इस यात्रा के दौरान वे जमैका के नेतृत्व, व्यापारिक समुदाय तथा भारतीय प्रवासियों से भी संवाद कर रहे हैं।













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