नई दिल्ली/पटना: दिल्ली में बिहार के एक युवक की कथित हत्या के मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। घटना को लेकर जहां एक ओर न्याय की मांग तेज हो गई है, वहीं दूसरी ओर केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी के बयान ने नया विवाद खड़ा कर दिया है।
जानकारी के अनुसार, बिहार के खगड़िया निवासी एक युवक की दिल्ली में एक पुलिसकर्मी द्वारा कथित रूप से हत्या कर दी गई। यह युवक डिलीवरी बॉय के रूप में कार्यरत था। घटना के बाद आरोपी पुलिसकर्मी को गिरफ्तार कर लिया गया है और मामले की जांच जारी है।
इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए जीतन राम मांझी ने कहा कि ऐसे मामलों में जांच की प्रक्रिया पूरी होनी चाहिए और दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की जानी चाहिए। हालांकि, उनके बयान में कही गई एक टिप्पणी—“मार दिया तो मार दिया, कौन बड़ी बात है”—को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है।
विपक्षी दलों ने इस बयान को असंवेदनशील बताते हुए कड़ी आलोचना की है। विपक्ष का कहना है कि इस तरह के बयान पीड़ित परिवार के दर्द को नजरअंदाज करते हैं और जनभावनाओं को ठेस पहुंचाते हैं।
दूसरी ओर, समर्थक पक्ष का तर्क है कि मांझी के बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया जा रहा है और उनका आशय केवल जांच प्रक्रिया पर जोर देने का था।
फिलहाल यह मामला कानूनी जांच के साथ-साथ राजनीतिक बहस का भी केंद्र बन गया है। पुलिस प्रशासन ने कहा है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।













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