डेस्क : प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भगोड़े गैंगस्टर इंदरजीत सिंह यादव और उसके आपराधिक सिंडिकेट के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। दिल्ली में 30 दिसंबर 2025 से 1 जनवरी 2026 तक चली व्यापक छापेमारी के दौरान ईडी ने 6.24 करोड़ रुपये नकद, 17.4 करोड़ रुपये मूल्य के सोने-हीरे के आभूषण और करीब 35 करोड़ रुपये की अचल संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज जब्त किए हैं। इसके साथ ही बड़ी मात्रा में डिजिटल साक्ष्य भी एजेंसी के हाथ लगे हैं।
अमन कुमार के ठिकानों से बरामद हुआ सबसे बड़ा हिस्सा
ईडी की गुरुग्राम जोनल यूनिट ने मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA) के तहत दिल्ली के कई ठिकानों पर छापेमारी की। जांच में खुलासा हुआ कि इंदरजीत का करीबी सहयोगी अमन कुमार, निजी फाइनेंसरों के साथ जबरन लोन सेटलमेंट और फंड की हेराफेरी के जरिए अपराध की कमाई को ठिकाने लगाने में सक्रिय भूमिका निभा रहा था।
दिल्ली के सर्वप्रिय विहार स्थित परिसर से ही 5.12 करोड़ रुपये नकद और 8.80 करोड़ रुपये मूल्य के आभूषण बरामद किए गए।
एंटरटेनमेंट की आड़ में अपराध का साम्राज्य
ईडी के मुताबिक इंदरजीत सिंह यादव ‘जैम रिकॉर्ड्स एंटरटेनमेंट’ का मालिक और मुख्य संचालक है। हरियाणा और उत्तर प्रदेश पुलिस उसके खिलाफ हत्या, जबरन वसूली, हथियारों के दम पर धमकी देने और धोखाधड़ी जैसे गंभीर मामलों में 15 से अधिक एफआईआर दर्ज कर चुकी है।
जांच एजेंसी का आरोप है कि इंदरजीत कॉर्पोरेट संस्थाओं—जैसे अपोलो ग्रीन एनर्जी लिमिटेड—और निजी फाइनेंसरों के बीच करोड़ों रुपये के विवादित लेनदेन में हथियारों के बल पर जबरन समझौते कराता था और इसके बदले मोटा कमीशन वसूलता था।
यूएई से ऑपरेट हो रहा है नेटवर्क
इंदरजीत फिलहाल फरार है और आशंका जताई जा रही है कि वह संयुक्त अरब अमीरात (UAE) से अपने काले कारोबार का संचालन कर रहा है। इससे पहले की कार्रवाई में भी ईडी ने उसके नेटवर्क से जुड़ी पांच लग्जरी कारें और बड़ी मात्रा में नकदी जब्त की थी।
ईडी अब इंदरजीत के परिवार के सदस्यों के नाम पर खरीदी गई चल-अचल संपत्तियों, बेनामी निवेश और विदेशों में भेजे गए धन की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। जांच एजेंसी का कहना है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।













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