डेस्क: अमेरिका और इज़राइल के साथ तनावपूर्ण हालात के बीच ईरान ने अपना नया सुप्रीम लीडर नियुक्त कर दिया है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, दिवंगत अयातुल्ला अली खामेनेई के उत्तराधिकारी के रूप में उनके बेटे मोज़तबा खामेनेई को चुना गया है। 88 धर्मगुरुओं की असेंबली ऑफ़ एक्सपर्ट्स ने निर्णायक वोट से उनका नाम अंतिम रूप दिया और उन्हें ईरान इस्लामिक गणराज्य का तीसरा सर्वोच्च नेता घोषित किया।
मोज़तबा खामेनेई कौन हैं
मोज़तबा खामेनेई अली खामेनेई के दूसरे पुत्र हैं। हालांकि ईरान में नेतृत्व वंशानुगत नहीं है, फिर भी धार्मिक और सैन्य संगठनों, विशेषकर रिवोल्यूशनरी गार्ड्स में उनका गहरा प्रभाव माना जाता है। लंबे समय से वह पर्दे के पीछे सत्ता संचालन में सक्रिय रहे हैं।
तीन सदस्यीय समिति संभाल रही थी सत्ता
अली खामेनेई ने 37 वर्षों तक ईरान पर शासन किया था और 28 फरवरी को तेहरान में एक अमेरिकी-इज़राइली हमले में उनकी मृत्यु हो गई थी। उनके निधन के बाद एक सप्ताह तक देश में नया नेता नहीं चुना जा सका और अस्थायी रूप से सत्ता तीन सदस्यीय समिति को सौंप दी गई थी। इस देरी को लेकर देश में कुछ असंतोष भी देखा गया।
विशेषज्ञों का मानना था कि विशेषकर युद्ध की स्थिति में फौज का मनोबल बनाए रखने के लिए नेतृत्व का स्पष्ट चेहरा होना आवश्यक था।
इज़राइल की चेतावनी
ईरानी नए सुप्रीम लीडर और उनके चयन में शामिल लोगों को इज़राइल ने सीधी सैन्य कार्रवाई की चेतावनी दी है। इज़राइल रक्षा बल (IDF) ने बयान जारी कर कहा कि उनका ‘लंबा हाथ’ मोज़तबा खामेनेई और नियुक्ति में शामिल किसी भी व्यक्ति का पीछा करता रहेगा और उन्हें निशाना बनाने में संकोच नहीं होगा।
गोपनीय प्रक्रिया
सुरक्षा कारणों और इज़राइल की धमकियों के चलते चयन प्रक्रिया अत्यंत गोपनीय रखी गई थी। नए नेता की नियुक्ति न केवल ईरान की आंतरिक राजनीति बल्कि अमेरिका और इज़राइल के साथ जारी संघर्ष की दिशा को भी प्रभावित करेगी।













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