डेस्क : देश का प्रमुख स्टॉक एक्सचेंज नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) अपने बहुप्रतीक्षित प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) की तैयारी अंतिम चरण में पहुंचा रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, यह आईपीओ लगभग 3 अरब डॉलर (करीब 25 हजार करोड़ रुपये से अधिक) का हो सकता है और इसकी लिस्टिंग सितंबर 2026 में होने की संभावना जताई जा रही है।
सूत्रों के मुताबिक, इस मेगा आईपीओ को लेकर अगले सप्ताह से निवेशकों के बीच रोडशो और मार्केटिंग अभियान शुरू किया जा सकता है। इसके तहत एनएसई अमेरिका, यूरोप, एशिया और मध्य पूर्व के प्रमुख वित्तीय केंद्रों में बड़े संस्थागत निवेशकों के साथ बैठकें करेगा।
यह पूरी तरह ऑफर-फॉर-सेल (ओएफएस) आधारित इश्यू होगा, जिसमें मौजूदा शेयरधारक अपनी हिस्सेदारी बेचेंगे। इस प्रक्रिया से कंपनी को कोई नई पूंजी प्राप्त नहीं होगी, बल्कि बिक्री से मिलने वाली राशि सीधे शेयरधारकों को जाएगी।
रिपोर्ट्स के अनुसार, इस इश्यू के लिए कई बड़े निवेश बैंकों को नियुक्त किया गया है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यह आईपीओ भारत के पूंजी बाजार इतिहास का सबसे बड़ा सार्वजनिक निर्गम साबित हो सकता है और इससे वैश्विक निवेशकों के बीच भारतीय बाजार की हिस्सेदारी और मजबूत होगी।
विश्लेषकों के अनुसार, एनएसई की संभावित लिस्टिंग भारतीय वित्तीय प्रणाली में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर होगी, जिससे बाजार में पारदर्शिता और निवेशकों की भागीदारी और बढ़ने की उम्मीद है।













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