मुंबई: भारती एयरटेल की इकाई भारती हेक्साकॉम को आईपीओ के जरिए धन जुटाने के लिए पूंजी बाजार नियामक सेबी की मंजूरी मिल गई है। हेक्साकॉम के आईपीओ में कोई नया शेयर जारी नहीं किया जाएगा। यह पूरी तरह ओएफएस पर आधारित होगा।
ओएफएस के तहत टेलीकॉम कंसल्टेंट्स इंडिया लिमिटेड द्वारा 10 करोड़ शेयर बेचे जाएंगे। भारती हेक्साकॉम ने आईपीओ के लिए दस्तावेज भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) में जनवरी में दाखिल किए थे। कंपनी को 11 मार्च को निष्कर्ष पत्र मिल गया। किसी भी कंपनी को आईपीओ लाने के लिए सेबी का निष्कर्ष पत्र जरूरी होता है।
भारती हेक्साकॉम राजस्थान और उत्तर पूर्व में ग्राहकों को एयरटेल ब्रांड के तहत उपभोक्ता मोबाइल सेवाएं, फिक्स्ड लाइन टेलीफोन और ब्रॉडबैंड सेवाएं प्रदान करती है। इसने वित्त वर्ष 2023 में 549.2 करोड़ रुपये का नेट प्रॉफिट दर्ज किया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 67.2 प्रतिशत की गिरावट है।
19 जनवरी को सेबी के साथ दायर ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस के अनुसार, प्रमोटर भारती एयरटेल के पास 70 प्रतिशत हिस्सेदारी (35 करोड़ इक्विटी शेयर) और शेष 30 प्रतिशत शेयरधारिता (15 करोड़ इक्विटी शेयर) के बराबर है।
सेबी ने 11 मार्च को कंपनी के आईपीओ ड्राफ्ट पेपर्स पर एक ऑब्जर्वेशन लेटर जारी किया। सेबी की भाषा में, ऑब्जर्वेशन लेटर जारी करने का मतलब है कि कंपनी अगले एक साल की अवधि के भीतर अपना आईपीओ लॉन्च कर सकती है। एसबीआई कैपिटल मार्केट्स, एक्सिस कैपिटल, बीओबी कैपिटल मार्केट्स, आईसीआईसीआई सिक्युरिटीज और आईआईएफएल सिक्योरिटीज इश्यू के लिए बुक-रनिंग लीड मैनेजर के रूप में कार्य कर रहे हैं।













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