डेस्क : महाराष्ट्र सहित राष्ट्रीय राजनीति में विपक्षी दलों के संभावित विलय और नए सियासी समीकरणों को लेकर चर्चाओं ने जोर पकड़ लिया है। विभिन्न दलों के नेताओं के हालिया बयानों के बाद राजनीतिक हलचल और अधिक तेज हो गई है।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विपक्षी एकजुटता की संभावनाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस पर तीखा प्रहार किया है। उन्होंने कांग्रेस को “डूबता हुआ जहाज” करार देते हुए कहा कि कोई भी राजनीतिक दल स्वेच्छा से उसमें शामिल नहीं होना चाहेगा। फडणवीस ने यह भी संकेत दिया कि यदि क्षेत्रीय दल कांग्रेस के साथ विलय करते हैं तो इससे राजनीतिक संतुलन और अधिक भाजपा के पक्ष में जा सकता है।
उधर, शिवसेना (यूबीटी) के वरिष्ठ नेता संजय राउत ने विपक्षी एकता की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि शरद पवार जैसे अनुभवी नेताओं को छोटे दलों को कांग्रेस के साथ जोड़ने की पहल करनी चाहिए, ताकि केंद्र में एक मजबूत विपक्ष का गठन हो सके।
इसी बीच कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के संभावित समीकरणों के साथ-साथ राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) को लेकर भी अटकलों का बाजार गर्म है। हालांकि विभिन्न राजनीतिक दलों ने इन विलय संबंधी चर्चाओं को आधारहीन बताते हुए स्थिति को स्पष्ट करने से परहेज किया है, जिससे भ्रम की स्थिति बनी हुई है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगामी चुनावों से पहले विपक्षी खेमे में यह उठापटक नई रणनीतिक दिशा का संकेत दे रही है, जहां गठबंधन और संभावित विलय जैसे विकल्पों पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है।













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