नई दिल्ली। सरकारी बैंकों के गोल्ड लोन अकाउंट्स पर सरकार की नजर है। दरअसल, वित्त मंत्रालय ने सरकारी बैंकों को लेटर लिखकर गोल्ड लोन बुक्स की समीक्षा करने को कहा है। यह लेटर इसलिए भी अहम है क्योंकि पिछले हफ्ते केंद्रीय रिजर्व बैंक ने IIFL फाइनेंस पर कार्रवाई करते हुए नए गोल्ड लोन को मंजूरी देने पर रोक लगा दिया था।
क्या है रिपोर्ट में
इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट में सूत्रों ने बताया कि सरकार और नियामक चिंतित हैं कि गोल्ड की कीमतों में उछाल की वजह से लेंडर्स यानी बैंकों मौजूदा लोन पर टॉप-अप लोन देने की योजना बना रहे होंगे। रिपोर्ट के मुताबिक वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवा विभाग (डीएफएस) ने लेटर में सभी बैंकों से 1 जनवरी के बाद जारी किए गए प्रत्येक गोल्ड लोन अकाउंट की समीक्षा करने और गोल्ड लोन के collateral वैल्यू का आकलन करने को कहा। इसके साथ ही अकाउंट, कलेक्शन चार्ज आदि का विश्लेषण करने को भी कहा गया है। लेटर में कहा गया है कि जिस तरह से जरूरी गोल्ड गारंटी के बिना गोल्ड लोन वितरित किए जा रहे हैं, उस पर प्रमुख चिंताएं हैं। इसमें कहा गया है कि गोल्ड-लोन खातों पर लागू शुल्क और ब्याज के संग्रह और खाते को बंद करने में विसंगतियां देखी गईं।
गोल्ड लोन में हो रही बढ़ोतरी
यह सर्कुलर साल-दर-साल आधार पर गोल्ड लोन में बढ़ोतरी के मद्देनजर जारी किया गया था। बता दें कि गोल्ड की कीमतों में 16.6% की तेजी की तुलना में गोल्ड लोन में 17% की वृद्धि हुई। बीते 26 जनवरी को सोने के आभूषणों के बदले लोन 1.01 लाख करोड़ रुपये था। वहीं, सोने की कीमतें 66,880.00 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गई हैं।
IIFL फाइनेंस पर की गई कार्रवाई
बता दें कि रिजर्व बैंक ने IIFL फाइनेंस लिमिटेड को गोल्ड लोन स्वीकृत करने या वितरित करने से रोक दिया था। केंद्रीय बैंक ने कहा- कंपनी के गोल्ड लोन पोर्टफोलियो में निगरानी स्तर पर कुछ चिंताएं पाई गईं। इनमें कर्ज की मंजूरी के समय और चूक पर नीलामी के समय सोने की शुद्धता और शुद्ध वजन की जांच और सत्यापन के मामले में खामियां शामिल हैं।













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