नई दिल्ली : दुनिया के कई देशों में हंता वायरस संक्रमण के मामले सामने आने के बाद भारत सरकार भी सतर्क हो गई है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने एहतियाती कदम उठाते हुए निगरानी तंत्र सक्रिय कर दिया है और संबंधित एजेंसियों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं।
स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, हाल ही में एक अंतरराष्ट्रीय क्रूज शिप पर हंता वायरस संक्रमण के मामले पाए गए हैं। इस घटना के बाद भारत सरकार ने नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल (एनसीडीसी) और इंटीग्रेटेड डिजीज सर्विलांस प्रोग्राम (आईडीएसपी) को स्थिति पर लगातार नजर रखने को कहा है। मंत्रालय विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) समेत अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य एजेंसियों के संपर्क में भी बना हुआ है।
सूत्रों के मुताबिक, क्रूज शिप पर मौजूद कुछ यात्रियों में संक्रमण की पुष्टि हुई है, जबकि कई अन्य संदिग्ध मामलों की जांच जारी है। भारतीय स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल देश में किसी तरह के बड़े खतरे की स्थिति नहीं है, लेकिन एहतियात के तौर पर निगरानी बढ़ा दी गई है।
क्या है हंता वायरस?
विशेषज्ञों के अनुसार, हंता वायरस मुख्य रूप से संक्रमित चूहों और अन्य कृंतकों के संपर्क से फैलता है। संक्रमित जानवरों के मल, मूत्र या लार के संपर्क में आने से यह वायरस इंसानों तक पहुंच सकता है। बंद और अस्वच्छ स्थानों में संक्रमण का खतरा अधिक माना जाता है।
क्या हैं इसके लक्षण?
हंता वायरस के शुरुआती लक्षण सामान्य वायरल बुखार जैसे होते हैं। संक्रमित व्यक्ति को तेज बुखार, सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द, थकान, उल्टी और दस्त की शिकायत हो सकती है। गंभीर मामलों में सांस लेने में तकलीफ और फेफड़ों में संक्रमण की स्थिति भी बन सकती है।
स्वास्थ्य मंत्रालय की सलाह
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों से साफ-सफाई बनाए रखने, घरों और गोदामों में चूहों की मौजूदगी रोकने तथा बंद जगहों की सफाई करते समय सावधानी बरतने की अपील की है। मंत्रालय ने कहा है कि किसी भी तरह के असामान्य लक्षण दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए।
डब्ल्यूएचओ ने फिलहाल वैश्विक स्तर पर बड़े खतरे की आशंका से इनकार किया है, लेकिन सभी देशों को सतर्क रहने की सलाह दी है। भारत सरकार भी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।













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