नलागढ़ : नए साल के पहले दिन हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले में स्थित नलागढ़ पुलिस स्टेशन के पास हुए जोरदार विस्फोट ने देश की आंतरिक सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। 1 जनवरी की सुबह करीब 9:40 बजे हुए इस धमाके की तीव्रता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि पुलिस स्टेशन के स्टोर रूम की खिड़कियां टूट गईं, आसपास की इमारतों के शीशे चटक गए और घटनास्थल पर करीब ढाई फुट गहरा गड्ढा बन गया। धमाके की आवाज 400 से 500 मीटर तक सुनी गई। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
विस्फोट के एक दिन बाद सोशल मीडिया पर एक कथित प्रेस नोट सामने आया, जिसमें प्रतिबंधित आतंकी संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल (BKI) और पंजाब सॉवरेन्टी अलायंस (PSA) ने हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा किया। प्रेस नोट में इसे आईईडी (इंप्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) हमला बताया गया और कहा गया कि इसकी योजना अमेरिका में रह रहे गोपी नवांशहरीया और कबाल सिंह ने बनाई। आतंकी संगठनों ने हिमाचल प्रदेश से पंजाब में सिंथेटिक ड्रग्स भेजे जाने का आरोप लगाते हुए प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि कार्रवाई नहीं हुई तो आगे पुलिस वाहनों और मुख्यालयों को निशाना बनाया जाएगा।
हालांकि, पंजाब पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने इन दावों को सिरे से खारिज करते हुए इसे महज दहशत फैलाने की साजिश बताया है। टाइम्स ऑफ इंडिया से बातचीत में अधिकारी ने कहा कि ऐसे तत्व पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के इशारे पर काम कर रहे हैं और इनका किसी भी तरह की वैचारिक लड़ाई से कोई लेना-देना नहीं है। अधिकारियों के मुताबिक, युवाओं को पैसों के लालच में भर्ती कर देश के संवेदनशील इलाकों में अस्थिरता पैदा करने की कोशिश की जा रही है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, गोपी नवांशहरीया नवंबर 2024 से पंजाब में पुलिस ठिकानों पर हुए कई हमलों की जिम्मेदारी ले चुका है। BKI और PSA इससे पहले भी पंजाब में हुए कई विस्फोटों के पीछे होने का दावा करते रहे हैं, जिनके तार ISI समर्थित नेटवर्क से जोड़े जाते रहे हैं। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि नलागढ़ विस्फोट दिल्ली के उत्तर-पश्चिमी क्षेत्रों और जम्मू-कश्मीर के दक्षिणी इलाकों के बीच स्थित बेल्ट में अशांति फैलाने की एक सुनियोजित रणनीति का हिस्सा हो सकता है।
हिमाचल प्रदेश पुलिस ने मामले की गहन जांच शुरू कर दी है। फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से सैंपल जुटाए हैं, जबकि आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं। नलागढ़ पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता की धारा 324(4) (उपद्रव), 125 (जीवन या व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरा) और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।
नलागढ़-बद्दी क्षेत्र देश का प्रमुख फार्मास्यूटिकल हब माना जाता है, जहां बड़ी संख्या में दवा निर्माण इकाइयां संचालित हैं। इस घटना के बाद पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। हिमाचल पुलिस पंजाब पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों के साथ लगातार समन्वय में है। जांच एजेंसियां फोरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार कर रही हैं और किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए अलर्ट पर हैं।













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