डेस्क : पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच इस्राइल ने ईरान के एक एफ-14 लड़ाकू विमान को मार गिराने का दावा किया है। बताया जा रहा है कि यह विमान ईरान के परमाणु ठिकानों के नजदीक उड़ान भर रहा था, जिसे इस्राइली रक्षा बलों ने निशाना बनाकर गिरा दिया। इस घटना के बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इस्राइली वायुसेना ने ईरान के इस्फहान क्षेत्र के पास सैन्य गतिविधियों पर नजर रखते हुए कार्रवाई की। इस दौरान ईरान का एफ-14 लड़ाकू विमान इस्राइल के लिए संभावित खतरा माना गया, जिसके बाद उसे मार गिराया गया। बताया जा रहा है कि इस कार्रवाई का उद्देश्य ईरान की हवाई क्षमताओं को कमजोर करना और उसके संवेदनशील सैन्य प्रतिष्ठानों की सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावित करना था।
एफ-14 लड़ाकू विमान ईरान की वायुसेना के सबसे महत्वपूर्ण और शक्तिशाली विमानों में शामिल हैं। ये विमान ईरान ने 1979 की इस्लामी क्रांति से पहले अमेरिका से खरीदे थे और आज भी देश की हवाई सुरक्षा का अहम हिस्सा माने जाते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस्राइल की यह कार्रवाई ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर बढ़ती चिंता से जुड़ी हो सकती है। इस्राइल लंबे समय से ईरान के परमाणु कार्यक्रम का विरोध करता रहा है और उसे अपनी सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा मानता है।
हालांकि इस घटना पर ईरान की ओर से आधिकारिक रूप से विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन माना जा रहा है कि इस कार्रवाई से दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ सकता है। पश्चिम एशिया में पहले से ही जारी सैन्य और कूटनीतिक टकराव के बीच यह घटना क्षेत्रीय स्थिरता के लिए नई चुनौती बन सकती है।













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