डेस्क : हिंदी सिनेमा के महान गायक किशोर कुमार अपने अनोखे अंदाज और अलग सोच के लिए जाने जाते थे। उनके गानों से जुड़े कई रोचक किस्से आज भी लोगों के बीच चर्चा का विषय बने रहते हैं। ऐसा ही एक दिलचस्प किस्सा फिल्म ‘पलकों की छांव में’ के लोकप्रिय गीत ‘डाकिया डाक लाया’ की रिकॉर्डिंग से जुड़ा है।
बताया जाता है कि इस गीत को रिकॉर्ड करने के लिए किशोर कुमार स्टूडियो में साइकिल लेकर पहुंच गए थे। चूंकि गीत में एक डाकिए की भावनाओं और उसके सफर को दर्शाया गया था, इसलिए वह रिकॉर्डिंग के दौरान उसी माहौल को महसूस करना चाहते थे। स्टूडियो पहुंचते ही उन्होंने साइकिल की घंटी बजानी शुरू कर दी, जिसे देखकर वहां मौजूद सभी लोग हैरान रह गए।
जब उनसे साइकिल लाने का कारण पूछा गया तो उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि यह डाकिए पर आधारित गीत है और वह इसे पूरी तरह वास्तविक एहसास के साथ गाना चाहते हैं। यही वजह थी कि उन्होंने रिकॉर्डिंग के दौरान साइकिल की घंटी का भी इस्तेमाल कराया।
यह गीत फिल्म ‘पलकों की छांव में’ का हिस्सा है। इसके बोल गुलजार ने लिखे थे, संगीत लक्ष्मीकांत–प्यारेलाल ने दिया था और इसे किशोर कुमार ने वंदना शास्त्री के साथ अपनी आवाज दी थी। गीत में चिट्ठियों के जरिए लोगों की खुशियां, इंतजार और भावनाओं को बेहद खूबसूरती से प्रस्तुत किया गया है, जिसके कारण यह आज भी श्रोताओं के बीच लोकप्रिय है।
फिल्म से जुड़ी एक और रोचक जानकारी यह भी है कि शुरुआती दौर में इसमें मनोज कुमार और सायरा बानो के अभिनय की योजना थी, लेकिन वह परियोजना आगे नहीं बढ़ सकी। बाद में फिल्म नए कलाकारों के साथ बनाई गई और ‘डाकिया डाक लाया’ उस दौर के यादगार गीतों में शामिल हो गया।













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