डेस्क:केंद्र सरकार जीएसटी दरों में कटौती का लाभ आम लोगों तक पहुंचने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। इसके तहत वित्त मंत्रालय और केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीआईसी) के अधिकारियों की कई टीम बनाई गई हैं, जो उत्पादों की कीमतों पर नजर रखेंगी। ये टीमें जमीनी स्तर पर जांचेंगी कि कंपनियों ने कीमतों में कटौती का लाभ लोगों तक पहुंचाया है या नहीं। फिर उसी के मुताबिक आगे की कार्रवाई तय होगी।
जानकारी के मुताबिक, इसे लेकर वित्त मंत्रालय के स्तर पर विस्तृत मसौदा तैयार किया गया है। इसके तहत आने वाले कुछ दिनों में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण अलग-अलग क्षेत्र के उद्यमियों और व्यापारियों के बैठक कर चर्चा करेंगी। इनमें उद्योग जगत से कहा जाएगा कि कर कटौती का लाभ आम लोगों तक पहुंचाया जाए।
22 सितंबर से लागू होंगे दो स्लैब
ध्यान रहे कि बीते हफ्ते जीएसटी परिषद की बैठक में सर्वसम्मति से अगली पीढ़ी के जीएसटी सुधारों को मंजूरी मिली थी, जिसके तहत मौजूदा चार की जगह पर दो स्लैब रखने का निर्णय लिया गया। इसमें 12 और 28 फीसदी के स्लैब को खत्म कर 5 और 18 फीसदी के स्लैब को लागू करने पर सहमति बनी। दोनों स्लैब 22 सितंबर से लागू हो जाएंगे।
सरकार की चुनौती
जीएसटी में सुधार के बाद करीब 375 वस्तुएं और सेवाएं ऐसी हैं, जिन पर जीएसटी दरों को घटाया गया है। अब सरकार के सामने चुनौती है कि जीएसटी दरों में दी राहत का लाभ आम आदमी तक हर हाल में पहुंचे। हालांकि, तमाम ऑटोमोबाइल कंपनियों ने अपने विभिन्न मॉडलों की कीमतों में कटौती का ऐलान कर दिया है।
जमीनी जायजा लेंगे अधिकारी
22 सितंबर के बाद अधिकारियों की टीम जमीन स्तर पर उतरकर वस्तुओं की कीमतों पर नजर रखेंगे। इस दौरान अधिकारी देखेंगे कि कंपनियों ने उत्पाद एवं सेवाओं में उस अनुपात में कमी की है या नहीं, जिस अनुपात में जीएसटी दरों में कटौती की गई है।
सरकार की तैयारी
1. जरूरी वस्तुओं पर नजर
जीएसटी परिषद ने खाद्य वस्तुओं और दैनिक इस्तेमाल के जरूरी सामान की कीमतों में कटौती की है। सरकार की सबसे ज्यादा नजर इसी श्रेणी में आने वाले उत्पादों की कीमतों पर रहेगी, क्योंकि इन उत्पादों का सबसे ज्यादा इस्तेमाल निम्न और मध्यवर्ग करता है। इस श्रेणी की अधिकांश वस्तुएं 12 फीसदी से घटकर पांच फीसदी के स्लैब में आ जाएंगी।
2. पैकेज पर नई कीमत लिखनी होगी
सरकार ने कंपनियों को अपने पुराने और बिना बिके माल पर पुराने मूल्य के साथ नया बाजार मूल्य (एमआरपी) लिखना भी अनिवार्य कर दिया है। अगर किसी उत्पाद पर टैक्स कम हुआ है तो उसकी कीमत भी उतनी ही घटानी पड़ेगी। कंपनियां पुराने पैक पर नया दाम स्टिकर, स्टैंप या प्रिंट करके लिख सकती हैं।
3. नया पोर्टल शुरू किया
सरकार ने लोगों की सहूलियत के लिए नया पोर्टल शुरू किया है, जिसके जरिए यह आसानी से पता लगाया जा सकता है कि किस उत्पाद पर कितनी बचत होगी। इस पोर्टल का नाम (https://savingswithgst.in/) है। यहां नई दरों से पहले और बाद में उत्पादों की कीमतों की तुलना की जा सकती है।













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