डेस्क: मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में पत्नी की एक टिप्पणी को “गंभीर और अचानक उकसावे” की श्रेणी में मानते हुए पति की सजा में राहत दे दी है। अदालत ने कहा कि वैवाहिक विवाद के दौरान कही गई भावनात्मक और उत्तेजक टिप्पणी ने आरोपी को असंतुलित कर दिया, जिसके चलते घटना हुई।
मामले के अनुसार, पत्नी द्वारा “तुम जैसे 1000 पति रख सकती हूं” जैसी टिप्पणी किए जाने के बाद पति ने आपा खो दिया और घटना को अंजाम दिया था। निचली अदालत ने आरोपी को उम्रकैद की सजा सुनाई थी, लेकिन हाई कोर्ट ने इसे घटाकर सात वर्ष के सश्रम कारावास में बदल दिया।
न्यायालय ने अपने निर्णय में कहा कि यह मामला पूर्व-नियोजित हत्या का नहीं प्रतीत होता, बल्कि अचानक झगड़े और भावनात्मक उकसावे का परिणाम है। अदालत ने यह भी माना कि घटना के तुरंत बाद आरोपी द्वारा पुलिस और परिजनों को सूचना देना भी इस बात का संकेत है कि यह योजना बनाकर किया गया अपराध नहीं था।
अदालत ने सुप्रीम कोर्ट के पूर्व निर्णयों का उल्लेख करते हुए कहा कि “गंभीर और अचानक उकसावे” की स्थिति में अपराध की प्रकृति हत्या से घटकर गैर-इरादतन हत्या की श्रेणी में आ सकती है।













देश
राज्य-शहर
विदेश
बिजनेस
मनोरंजन
जीवंत