नई दिल्ली : भारत और अमेरिका के बीच संबंध केवल एक सामान्य रणनीतिक साझेदारी तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह साझा लोकतांत्रिक मूल्यों, सुरक्षा हितों और वैश्विक स्थिरता के प्रति समान प्रतिबद्धता पर आधारित है। यह बात अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ हुई बातचीत के दौरान कही।
दोनों नेताओं के बीच हुई चर्चा में आतंकवाद के खिलाफ सहयोग, क्षेत्रीय सुरक्षा, व्यापार, ऊर्जा, प्रौद्योगिकी और हिंद-प्रशांत क्षेत्र की स्थिति जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया। रुबियो ने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच बढ़ता सहयोग दोनों देशों के लिए ही नहीं, बल्कि वैश्विक शांति और स्थिरता के लिए भी महत्वपूर्ण है।
बैठक में आतंकवाद के खतरे का विशेष रूप से उल्लेख किया गया। दोनों पक्षों ने आतंकवाद और उससे जुड़े नेटवर्क के खिलाफ सहयोग को और मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया। अमेरिका ने इस दिशा में भारत के साथ मिलकर काम करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
विदेश मंत्री जयशंकर और रुबियो ने आर्थिक संबंधों को और मजबूत बनाने, आपूर्ति श्रृंखलाओं को सुरक्षित करने तथा रक्षा एवं उन्नत प्रौद्योगिकी के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर भी चर्चा की। दोनों नेताओं ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में स्वतंत्र, खुला और समावेशी वातावरण बनाए रखने के महत्व को रेखांकित किया।
रुबियो ने भारत को अमेरिका का एक महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदार बताते हुए कहा कि दोनों देश साझा चुनौतियों का सामना करने और वैश्विक स्तर पर स्थिरता को बढ़ावा देने के लिए मिलकर कार्य करते रहेंगे।













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