लखनऊ : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में विकास के लिए मिलने वाले सरकारी धन का उपयोग कब्रिस्तानों की चारदीवारी बनाने में किया जाता था, जबकि उनकी सरकार ने उसी धन को मंदिरों के विकास और धार्मिक स्थलों के संरक्षण में लगाया है।
एक जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “पहले मंदिरों को कोई सुविधा नहीं मिलती थी। विकास का पैसा कब्रिस्तानों की चारदीवारी पर खर्च होता था। हमने उस धन को मंदिरों के विकास की ओर मोड़ दिया, क्योंकि मंदिर हमारी आस्था के केंद्र हैं।”
उन्होंने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए सवाल किया कि जब सरकारी धन कब्रिस्तानों पर खर्च किया जा रहा था, तब किसी की आस्था को ठेस क्यों नहीं पहुंची। योगी ने कहा, “जिन्हें कब्रिस्तान प्रिय थे, उन्होंने वहां पैसा दिया। हमें मंदिर प्रिय हैं, इसलिए हम मंदिरों के विकास पर धन खर्च कर रहे हैं।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार ने अयोध्या, काशी, मथुरा सहित प्रदेश के प्रमुख धार्मिक स्थलों के विकास को प्राथमिकता दी है। उनका दावा था कि इससे न केवल आस्था को सम्मान मिला है, बल्कि धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिला है और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित हुए हैं।
योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष पर तुष्टिकरण की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी सरकार सभी नागरिकों के लिए समान विकास की नीति पर काम कर रही है, लेकिन आस्था के केंद्रों की उपेक्षा नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था मजबूत होने के कारण विकास कार्य तेज़ी से आगे बढ़ रहे हैं।













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