डेस्क : उत्तर प्रदेश में कोचिंग सेंटरों पर प्रशासनिक कार्रवाई और कुछ संस्थानों की बंदी को लेकर राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस मुद्दे पर सरकार पर निशाना साधते हुए कहा है कि इस तरह की कार्रवाई से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हो सकता है।
अखिलेश यादव ने सवाल उठाया कि जब प्रदेश में पहले से ही रोजगार और प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर अस्थिरता का माहौल है, ऐसे समय में कोचिंग संस्थानों पर कार्रवाई छात्रों के हित में कैसे मानी जा सकती है। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में छात्र इन्हीं संस्थानों के माध्यम से अपनी तैयारी पूरी करते हैं और अचानक बंदी से उनकी पढ़ाई बाधित हो रही है।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, कुछ जिलों में नियमों के उल्लंघन और अनुमति संबंधी अनियमितताओं के चलते कोचिंग सेंटरों पर कार्रवाई की गई है। इसके बाद कई जगहों पर शैक्षणिक गतिविधियाँ प्रभावित हुई हैं, जिससे छात्र और अभिभावक चिंतित हैं।
प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के बीच उत्पन्न इस स्थिति को लेकर अभिभावकों और छात्र संगठनों ने भी चिंता जताई है। उनका कहना है कि किसी भी कार्रवाई से पहले यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि छात्रों की पढ़ाई और टेस्ट सीरीज़ प्रभावित न हों।
यह मुद्दा अब केवल प्रशासनिक कार्रवाई तक सीमित न रहकर शिक्षा व्यवस्था और प्रतियोगी परीक्षा प्रणाली पर एक व्यापक बहस का विषय बन गया है।













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