डेस्क : नेपाल की काठमांडू जिला अदालत ने पूर्व पांच बार के प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा और उनकी पत्नी, पूर्व विदेश मंत्री आर्जू राणा देउबा के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग (अवैध धन शोधन) मामले में गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। यह वारंट मंगलवार को मनी लॉन्ड्रिंग जांच विभाग (DMLI) की रिपोर्ट के आधार पर अदालत द्वारा मंजूर किया गया।
मामले का विवरण
- अदालत ने यह गिरफ्तारी वारंट इसलिए जारी किया है ताकि दंपति को जाँच में शामिल होने के लिए जब्त किया जा सके।
- यह कदम नेपाल सरकार की भ्रष्टाचार और प्रशासनिक सुधार नीतियों के तहत उठाया गया है।
- हालांकि, वारंट जारी होने के बावजूद, देउबा दंपति अभी देश के बाहर हैं, इसलिए फिलहाल उन्हें गिरफ्तार नहीं किया जा सका।
वर्तमान स्थिति
रिपोर्ट्स के अनुसार, देउबा दंपति सिंगापुर गए थे, जहाँ उन्होंने इलाज करवाया। इसके बाद उनके हांगकांग में रहने की भी संभावना बताई जा रही है। नेपाल की पुलिस अब संभवतः इंटरपोल के जरिए रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने पर विचार कर रही है, ताकि उन्हें विदेश से ही नेपाल वापस लाया जा सके।
जांच का इतिहास
- यह मामला सितंबर 2025 में शुरू हुआ, जब उनके आवास से कुछ जले हुए नोटों के टुकड़े बरामद किए गए। बाद में विशेषज्ञों ने इन्हें असली घोषित किया, जिससे गहन जांच शुरू हुई।
- देउबा और उनकी पत्नी पर धन शोधन और अवैध संपत्ति अर्जित करने के आरोप हैं, जिसमें उनके कार्यकाल के दौरान की वित्तीय गतिविधियों की जाँच की जा रही है।
शेर बहादुर देउबा का बयान
79 वर्षीय देउबा ने सोशल मीडिया पर कहा कि उन पर लगाए गए आरोप “गलत प्रचार और राजनीतिक प्रेरित” हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपने कार्यकाल में अपनी सभी संपत्तियों की जानकारी कानूनी प्रक्रिया के अनुसार सरकार को दी थी।
राजनीतिक परिदृश्य
देउबा नेपाली कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हैं और कई बार संसद सदस्य एवं प्रधानमंत्री पद पर रह चुके हैं। नेपाल में 2025 के बाद से भ्रष्टाचार मामलों की जांचें तेज़ हुई हैं, और कई वरिष्ठ नेताओं के खिलाफ भी कार्रवाई की जा रही है।













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