नई दिल्ली : निर्वाचन प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और तकनीकी रूप से सुदृढ़ बनाने की दिशा में निर्वाचन आयोग ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। आयोग ने घोषणा की है कि अब देशभर के मतगणना केंद्रों पर प्रवेश के लिए क्यूआर कोड आधारित पहचान प्रणाली लागू की जाएगी। यह व्यवस्था आगामी विधानसभा चुनावों की मतगणना से प्रभावी होगी।
निर्वाचन आयोग के अनुसार, इस नई प्रणाली का मुख्य उद्देश्य मतगणना केंद्रों में अनधिकृत प्रवेश को रोकना और सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाना है। इसके लागू होने के बाद केवल वही व्यक्ति केंद्रों में प्रवेश कर सकेंगे, जिनकी पहचान क्यूआर कोड स्कैनिंग के माध्यम से विधिवत सत्यापित की जाएगी।
आयोग ने बताया कि मतगणना केंद्रों पर सुरक्षा को तीन स्तरों में विभाजित किया गया है। पहले दो स्तरों पर सामान्य जांच प्रक्रिया जारी रहेगी, जबकि अंतिम और सबसे संवेदनशील घेरे में प्रवेश केवल क्यूआर कोड सत्यापन के बाद ही संभव होगा।
इस व्यवस्था के तहत केवल अधिकृत अधिकारी एवं कर्मचारी—जिनमें रिटर्निंग अधिकारी, सहायक रिटर्निंग अधिकारी, मतगणना कर्मी, तकनीकी स्टाफ, प्रत्याशी, उनके एजेंट तथा मतगणना एजेंट शामिल हैं—को ही प्रवेश की अनुमति दी जाएगी।
निर्वाचन आयोग ने इस प्रणाली को अपने डिजिटल प्लेटफॉर्म ईसीआईनेट से जोड़ा है, जिससे पहचान सत्यापन की प्रक्रिया तेज, सुरक्षित और त्रुटिरहित बन सके। आयोग का कहना है कि इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और मानवीय त्रुटियों की संभावना न्यूनतम होगी।
आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह कदम चुनावी सुधारों की व्यापक श्रृंखला का हिस्सा है, जिसके तहत पिछले कुछ समय में कई तकनीकी नवाचार लागू किए गए हैं। यदि यह प्रणाली सफल रहती है, तो इसे भविष्य में लोकसभा और सभी विधानसभा चुनावों में भी अनिवार्य रूप से लागू किया जाएगा।













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