नई दिल्ली:भारतीय कैब एग्रीगेटर ओला और उबर टेक्नोलॉजीज इंक मर्जर की खबरें महज अफवाह हैं। दरअसल, न्यूज एजेंसी रॉयटर्स की एक रिपोर्ट से मर्जर की खबरों को हवा मिली थी। रिपोर्ट में दावा किया गया था कि मर्जर के संबंध में ओला के सीईओ भाविश अग्रवाल ने अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को में उबर के शीर्ष अधिकारियों से मुलाकात की है। हालांकि, अब ओला के भाविश अग्रवाल ने इसे बकवास बताया है।
उन्होंने सोशल मीडिया अकाउंट पर मर्जर से जुड़ी खबर को शेयर करते हुए लिखा- बिल्कुल बकवास। हम बहुत प्रॉफिट में हैं और अच्छी तरह से बढ़ रहे हैं। यदि कुछ अन्य कंपनियां भारत से अपने व्यवसाय से बाहर निकलना चाहती हैं तो उनका स्वागत है! हम कभी विलय नहीं करेंगे। आपको बता दें कि भारत में ओला और उबर, आपस में प्रतिद्वंदी हैं।
कारोबार समेटने की उड़ी थी खबर: पिछले महीने एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि उबर टेक्नोलॉजीज भारत से अपना कारोबार समेट रही है। हालांकि, उबर इंडिया ने इन खबरों को खारिज किया था। उबर की ओर से बताया गया था कि वह भारत से कारोबार समेटने की सोच भी नहीं सकते हैं। उबर की नजर में भारत और जापान, एशिया के सबसे ग्रोथ करने वाले मार्केट हैं।
सैन फ्रांसिस्को स्थित कंपनी उबर ने 2013 में भारत में सेवाएं शुरू कीं और अब देश भर के लगभग 100 शहरों में कैब सुविधा प्रोवाइड करा रही है। वहीं, ओला की बात करें तो भारत में कारोबार विस्तार कर रही है। ओला अपने इनीशियल पब्लिक ऑफरिंग यानी आईपीओ की तैयारी में भी जुटी है। चालू वित्त वर्ष के अंत तक आईपीओ आ सकता है।













देश
राज्य-शहर
विदेश
बिजनेस
मनोरंजन
जीवंत

