मुंबई:हॉस्पिटैलिटी सेक्टर की दिग्गज कंपनी OYO के आईपीओ का इंतजार कर रहे हैं तो ये खबर आपके लिए है। दरअसल, कंपनी शेयर बाजार के नियामक सेबी के साथ अपने ड्राफ्ट-रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) को फिर से दाखिल करने के लिए तैयार है। न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक सॉफ्टबैंक समर्थित ओयो डॉलर बॉन्ड बिक्री के माध्यम से 450 मिलियन डॉलर जुटाने की अपनी योजना को अंतिम रूप दे रही है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक बैंकर जेपी मॉर्गन 9 से 10 प्रतिशत प्रति वर्ष की अनुमानित ब्याज दर पर डॉलर बॉन्ड के एवज में री-फाइनेंस कर सकता है। ओयो ने री-फाइनेंस की तैयारी के लिए अपने वर्तमान डीआरएचपी को वापस लेने के लिए पूंजी बाजार निगरानी संस्था यानी सेबी के समक्ष अपना आवेदन दायर किया है।
अपडेटेड एडिशन जमा करने की योजना
OYO की मूल कंपनी Oravel Stays है। यह पैरेंट कंपनी बॉन्ड जारी होने के बाद डीआरएचपी के एक अपडेटेड एडिशन को फिर से दाखिल करना चाह रही है। कंपनी की आईपीओ योजना से जुड़े एक सूत्र ने पीटीआई-भाषा को बताया- री-फाइनेंस के बाद ओयो के वित्तीय विवरणों में महत्वपूर्ण बदलाव होंगे। इसलिए मौजूदा नियमों के अनुसार, उसे नियामक के साथ अपनी फाइलिंग को संशोधित करने की आवश्यकता होगी।
इससे पहले कंपनी ने बायबैक प्रक्रिया के माध्यम से 1,620 करोड़ रुपये के अपने कर्ज का एक बड़ा हिस्सा प्रीपेड कर दिया था। बायबैक में $660 मिलियन के बकाया टर्म लोन बी का 30 प्रतिशत बायबैक शामिल था।
2021 में जमा किया आवेदन
बता दें कि ओयो ने सितंबर 2021 में 8,430 करोड़ रुपये के आईपीओ के लिए भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) के साथ प्रारंभिक आईपीओ दस्तावेज दाखिल किए थे। तत्कालीन अस्थिर बाजार स्थितियों के कारण आईपीओ में देरी हुई थी। ऐसे में कंपनी को 11 बिलियन अमेरिकी डॉलर के बजाय 4-6 बिलियन अमेरिकी डॉलर के कम वैल्यूएशन के लिए तैयारी करनी पड़ी, जिसके कारण आईपीओ में देरी हुई।













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