डेस्क : बिहार में राज्यसभा की पांच सीटों पर होने वाले चुनाव को लेकर राजनीतिक तापमान तेजी से बढ़ गया है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव द्वारा उम्मीदवार उतारने के संकेत के बाद सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच बयानबाज़ी तेज हो गई है।
लोजपा (रा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने स्पष्ट कहा कि यदि तेजस्वी यादव राज्यसभा चुनाव में प्रत्याशी खड़ा करते हैं तो उन्हें यहां भी वैसी ही पराजय का सामना करना पड़ेगा, जैसी हाल के विधानसभा चुनाव में हुई थी। उन्होंने दावा किया कि राज्यसभा की सभी पांचों सीटें राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के खाते में जाएंगी, चाहे उम्मीदवार किसी भी घटक दल का क्यों न हो।
चिराग पासवान यह बयान पार्टी के प्रदेश मुख्यालय में आयोजित होली मिलन समारोह के दौरान पत्रकारों से बातचीत में दिया। इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक दल के नेता राजू तिवारी सहित कई मंत्री, सांसद और विधायक उपस्थित थे।
होली की शुभकामनाएं देते हुए चिराग ने वैश्विक शांति की कामना भी की और कहा कि वर्तमान समय में कई देश संघर्ष की स्थिति में हैं, ऐसे में यह पर्व विश्व में सद्भाव और शांति का संदेश दे।
राजद ने दी चुनौती
दूसरी ओर, प्रमुख विपक्षी दल राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने राज्यसभा चुनाव मैदान में उतरने का निर्णय लिया है। यह फैसला पार्टी संस्थापक लालू प्रसाद के आवास पर आयोजित संसदीय बोर्ड की बैठक में लिया गया। माना जा रहा है कि राजद, राजग को पांचों सीटें निर्विरोध जीतने से रोकने की रणनीति पर काम कर रहा है।
हालांकि तेजस्वी यादव के संभावित उम्मीदवार बनने की अटकलों पर पार्टी ने आधिकारिक रूप से कुछ नहीं कहा है। उल्लेखनीय है कि जिन पांच सीटों पर चुनाव होना है, उनमें से दो वर्तमान में राजद के पास हैं।
सीटों का गणित राजद के खिलाफ
243 सदस्यीय विधानसभा में राजद के पास फिलहाल 25 विधायक हैं। कांग्रेस और वाम दलों के समर्थन के बावजूद महागठबंधन की कुल संख्या राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए आवश्यक आंकड़े से कम बताई जा रही है।
ऐसे में राजद की नजर ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिममीन (एआईएमआईएम) और बहुजन समाज पार्टी के विधायकों के समर्थन पर टिकी हुई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि विपक्ष एकजुट होता है तो मुकाबला दिलचस्प हो सकता है, अन्यथा राजग को बढ़त मिलना तय है।
भाजपा सबसे बड़ी पार्टी
विधानसभा में 89 विधायकों के साथ भारतीय जनता पार्टी सबसे बड़ी पार्टी है। पार्टी दो सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारने की तैयारी में है। सूत्रों के अनुसार उम्मीदवारों का अंतिम चयन केंद्रीय नेतृत्व करेगा। कुछ नामों को लेकर चर्चा जरूर है, लेकिन आधिकारिक घोषणा अभी शेष है।
राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन की अंतिम तिथि छह मार्च है। राजनीतिक दलों की सक्रियता और रणनीतिक बैठकों से स्पष्ट है कि आने वाले दिनों में बिहार की सियासत और गरमा सकती है।













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