नई दिल्ली: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने इंडियन इंस्टीट्यूट आफ टेक्नालाजी के आठ नए निदेशकों की नियुक्ति को मंजूरी प्रदान की है। सेशाद्री शेखर को आइआइटी पलक्कड़ और श्रीपद कलमालकर को आइआइटी भुवनेश्वर का निदेशक नियुक्त किया गया है।
शिक्षा मंत्रालय के अनुसार, आइआइटी खड़गपुर के सिविल इंजीनियरिंग विभाग के वेंकेयाप्पाया आर देसाई को धारवाड़ आइआइटी का निदेशक बनाया गया है। यहां के वर्तमान निदेशक पाशुमार्थेय शेशु को अब आइआइटी गोवा का निदेशक बनाया गया है। इसके अलावा केएन सत्यनारायण को आइआइटी तिरुपति, राजीव प्रकाश को आइआइटी भिलाई, रजत मूना को आइआइटी गांधीनगर और मनोज सिंह गौड़ को आइआइटी जम्मू का निदेशक बनाया गया है।
राष्ट्रपति मुर्मू ने सोमवार को पलक्कड़, तिरुपति, धारवाड़, भिलाई, गांधीनगर, भुवनेश्वर, गोवा और जम्मू सहित 8 आइआइटी के लिए निदेशकों की नियुक्ति को मंजूरी दी है।
प्रोफेसर ए शेषाद्री शेखर जो अभी वर्तमान में IIT मद्रास के मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग से जुड़े हुए हैं, इन्हें IIT पलक्कड़ के निदेशक के रूप में नियुक्त किया गया है। जबकि IIT मद्रास के प्रोफेसर केएन सत्यनारायण को IIT तिरुपति में नियुक्त किया गया है।
धर्मेंद्र प्रधान ने एमएसएमई को ऊर्जा खपत कम करने में मदद करने के लिए कोटक से सीएसआर फंडिंग सहायता के साथ स्थापित किया जा रहा ‘कोटक आईआईटीएम सेव एनर्जी’ मिशन भी लॉन्च किया और क्वांटम सूचना, संचार और कंप्यूटिंग केंद्र के विकास का समर्थन करने के लिए एम्फैसिस टीम को सम्मानित किया।
मंत्री ने IIT मद्रास द्वारा विकसित स्वदेशी GDI इंजन और TVS मोटर कंपनी द्वारा समर्थित और IIT (M) में इनक्यूबेटेड से बनी एक कम लागत वाली सब्जी गाड़ी का भी उद्घाटन किया। शिक्षा मंत्री प्रधान ने कहा कि ‘भारत में समाज को वापस देने की संस्कृति है और भारत समाज की बेहतरी के लिए नवाचार (INNOVATION) करता है। IIT मद्रास की तकनीकी ताकत के कारण, भारत 2023 के अंत तक स्वदेशी 5G को चालू कर देगा।’













देश
राज्य-शहर
विदेश
बिजनेस
मनोरंजन
जीवंत
