रियो डि जनेरियो: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत को एक बड़ी कूटनीतिक सफलता उस समय मिली जब ब्राज़ील के रियो डि जनेरियो में आयोजित 17वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के पहले दिन ‘रियो डिक्लेरेशन’ में 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए पाकिस्तान प्रायोजित आतंकी हमले की BRICS नेताओं ने कड़े शब्दों में निंदा की।
इस जघन्य आतंकी हमले में 26 निर्दोष पर्यटकों की जान गई थी, जिनमें भारतीय और नेपाली नागरिक शामिल थे। हमलावरों ने धर्म के आधार पर लोगों को छांटकर निशाना बनाया था।
ब्रिक्स की साझा घोषणा में क्या कहा गया?
घोषणा के पैरा 34 में कहा गया,
“हम 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा करते हैं, जिसमें कम से कम 26 लोगों की मृत्यु हुई और कई घायल हुए। हम आतंकवाद के सभी रूपों और स्वरूपों, सीमापार आतंकवाद, आतंकवाद के वित्तपोषण और आतंकवादी पनाहगाहों के ख़िलाफ़ अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हैं।”
ब्रिक्स नेताओं ने यह भी कहा कि आतंकवाद को किसी धर्म, जाति, सभ्यता या राष्ट्रीयता से नहीं जोड़ा जाना चाहिए। साथ ही उन्होंने दोहरे मापदंडों को खारिज करते हुए ज़ीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने का आह्वान किया।
घोषणा में और क्या शामिल था?
- सभी UN-घोषित आतंकियों और संगठनों के ख़िलाफ़ ठोस कार्रवाई की अपील।
- आतंकवाद के खिलाफ राज्यों की प्रमुख भूमिका पर बल।
- अंतरराष्ट्रीय क़ानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अंतर्गत कार्रवाई सुनिश्चित करने की ज़रूरत।
- ब्रिक्स काउंटर-टेररिज़्म वर्किंग ग्रुप और इसके पाँच उप-समूहों की सराहना।
- Comprehensive Convention on International Terrorism को शीघ्र पारित करने की अपील।
पाकिस्तानी कनेक्शन स्पष्ट
जांच में सामने आया है कि इस हमले की जिम्मेदारी द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) ने ली थी, जो पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा का ही मोर्चा है।
NSA अजीत डोभाल का कड़ा संदेश
भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने पिछले महीने बीजिंग में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की बैठक में भी पाकिस्तान का नाम लिए बिना दोहरे मापदंडों को छोड़ने और लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद जैसे UN-घोषित संगठनों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई की अपील की थी।
उन्होंने कहा था कि भारत आतंकवाद के ख़तरे को लेकर गंभीर है और इन संगठनों के नेटवर्क और संरचना को ध्वस्त करने की दिशा में ठोस कदम उठाने की ज़रूरत है।
ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख
डोभाल ने पहलगाम हमले के बाद भारत द्वारा किए गए ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख करते हुए बताया कि यह ऑपरेशन पाकिस्तान की सीमा पार स्थित आतंकी ढांचों को नष्ट करने के उद्देश्य से चलाया गया था।
यह घोषणा भारत की उस दीर्घकालिक नीति की पुष्टि करती है जिसमें आतंकवाद को लेकर अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सहयोग और ठोस कार्रवाई की मांग की जाती रही है। रियो में भारत की आवाज़ को वैश्विक समर्थन मिलना एक निर्णायक मोड़ माना जा रहा है।













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