भोपाल: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत ने संघ को लेकर फैली गलत धारणाओं पर स्पष्ट टिप्पणी की है। उन्होंने कहा कि RSS कोई पैरा-मिलिट्री संगठन नहीं है, बल्कि इसका असली उद्देश्य समाज को जोड़ना और उसे मजबूत बनाना है। भागवत ने जोर देकर कहा कि ऐसे लोग जो संघ को केवल उसकी वर्दी, मार्च और लाठी अभ्यास के आधार पर आंकते हैं, वे संघ को सही मायनों में नहीं समझते।
“लोग संघ को ठीक से नहीं समझते”
भागवत ने भोपाल में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि संघ के स्वयंसेवक निश्चित वर्दी पहनते हैं, मार्च करते हैं और शारीरिक अभ्यास करते हैं, लेकिन सिर्फ इन गतिविधियों को देखकर यह मान लेना कि RSS पैरा-मिलिट्री संगठन है, पूरी तरह गलत है। उन्होंने कहा, “अगर कोई ऐसा सोचता है तो वह संघ को ठीक से नहीं समझता। RSS एक अलग तरह का संगठन है।”
स्रोतों की विश्वसनीयता पर उठाया सवाल
भागवत ने यह भी कहा कि आजकल लोग किसी विषय को गहराई से समझने की बजाय इंटरनेट और विकिपीडिया जैसे स्रोतों पर जल्दी-जल्दी भरोसा कर लेते हैं, जबकि वहां हर जानकारी सही नहीं होती। उनका कहना था कि जो लोग सही और भरोसेमंद स्रोतों से जानकारी लेते हैं, वे संघ की भूमिका और उद्देश्य को बेहतर ढंग से समझ पाते हैं।
RSS के खिलाफ बनाई जा रही गलत कहानी
उन्होंने यह भी कहा कि संघ के बारे में जानबूझकर गलत कहानी गढ़ी जा रही है, इसी कारण संघ को बार-बार अपने काम और सोच को स्पष्ट करना पड़ता है। इतिहास का उदाहरण देते हुए भागवत ने कहा कि भारत पर हमला करने वाले अंग्रेज पहले लोग नहीं थे। इससे पहले कई बार बाहर से आए आक्रांताओं ने भारत को हराया, लेकिन ये लोग न ज्यादा अमीर थे, न ज्यादा गुणवान। उन्होंने कहा कि भारत को सात बार हराया गया और अंग्रेज आठवें आक्रांतकारी थे।
समाज की एकजुटता ही सुरक्षा का मूल है
भागवत ने चेताया कि अगर लोग केवल अपने व्यक्तिगत फायदे के बारे में सोचेंगे, तो देश कमजोर होगा। उन्होंने कहा कि समाज के एकजुट रहने और अच्छे मूल्यों को अपनाने से ही देश मजबूत बन सकता है।













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