डेस्क :झारखंड के पश्चिम सिंहभूम जिले के घने सारंडा जंगलों में गुरुवार सुबह से सुरक्षा बलों और माओवादियों के बीच भीषण मुठभेड़ जारी है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, इस अभियान में शीर्ष कमांडरों सहित कम से कम 15 माओवादी मारे गए हैं। ऑपरेशन की अगुवाई कमांडो बटालियन फॉर रेसोल्यूट एक्शन (कोबरा) की 209वीं बटालियन कर रही है, जिसके साथ सीआरपीएफ और झारखंड पुलिस की संयुक्त टीमें शामिल हैं।
झारखंड के आईजी (ऑपरेशन) माइकल राज और कोल्हान रेंज के डीआईजी अनुरंजन किसफोटा ने मुठभेड़ की पुष्टि करते हुए बताया कि माओवादी नेतृत्व को भारी क्षति पहुंची है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि अभियान के पूरी तरह समाप्त होने के बाद ही मारे गए माओवादियों की सटीक संख्या की आधिकारिक पुष्टि की जा सकेगी।
तड़के शुरू हुई मुठभेड़
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, गुरुवार तड़के कोबरा 209 बटालियन के नेतृत्व में संयुक्त बल सारंडा वन क्षेत्र के कुंभदिह गांव के आसपास माओवादी विरोधी अभियान पर निकले थे। इसी दौरान पतिराम मांझी उर्फ अनल-दा और लालचंद हेमब्रम उर्फ अनमोल के नेतृत्व वाले माओवादी दस्तों ने सुरक्षा बलों पर अचानक गोलीबारी शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में दोनों ओर से हुई भीषण फायरिंग में आधा दर्जन से अधिक माओवादी कमांडरों के मारे जाने की खबर है, जिनमें एक ऐसा कमांडर भी शामिल है जिस पर 50 लाख रुपये का इनाम घोषित था।
चारों ओर से घेराबंदी, रास्ते सील
आईजी (ऑपरेशन) माइकल राज ने बताया कि माओवादियों के भागने के सभी संभावित रास्तों को सील कर दिया गया है। अतिरिक्त बलों की तैनाती के साथ व्यापक तलाशी अभियान भी शुरू कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन अभी जारी है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
डीआईजी अनुरंजन किसफोटा के अनुसार, यह अभियान सारंडा के भीतर अत्यंत दुर्गम और चुनौतीपूर्ण भौगोलिक क्षेत्र में चलाया जा रहा है। पूरे सारंडा आरक्षित वन क्षेत्र में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। अभियान समाप्त होने के बाद ही विस्तृत जानकारी साझा की जाएगी।
माओवादी नेटवर्क पर निर्णायक कार्रवाई की तैयारी
उल्लेखनीय है कि सीआरपीएफ के महानिदेशक (ऑपरेशन) ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह ने सोमवार को चाईबासा में हुई एक उच्चस्तरीय रणनीतिक बैठक में प्रतिबंधित सीपीआई (माओवादी) के प्रमुख दस्तों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई के लिए रोडमैप को अंतिम रूप दिया था। इन दस्तों का नेतृत्व केंद्रीय समिति के सदस्य मिसिर बेसरा उर्फ निर्भय, असीम मंडल उर्फ तिमिर और पतिराम मांझी उर्फ अनल-दा कर रहे थे। माना जा रहा है कि मौजूदा अभियान उसी रणनीति का हिस्सा है।













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