डेस्क : शेयर बाजार में सूचीबद्ध होने की तैयारी कर रही फिनटेक कंपनी मनीव्यू और स्टील निर्माता चंदन स्टील को भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) से प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) लाने की मंजूरी मिल गई है। वहीं, शिवगंगा ड्रिलर्स ने अपना ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) वापस ले लिया है।
सेबी की मंजूरी मिलने के बाद मनीव्यू और चंदन स्टील अब नियामकीय प्रक्रिया पूरी कर बाजार की परिस्थितियों के अनुसार अपना आईपीओ लॉन्च कर सकेंगी। मनीव्यू ने मार्च 2026 में आईपीओ के लिए आवेदन किया था, जबकि चंदन स्टील ने गोपनीय फाइलिंग प्रक्रिया के तहत अपना प्रस्ताव सेबी के समक्ष प्रस्तुत किया था।
मनीव्यू के प्रस्तावित आईपीओ में 1,500 करोड़ रुपये के नए इक्विटी शेयर जारी किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त, मौजूदा निवेशकों द्वारा 13.6 करोड़ इक्विटी शेयर ऑफर फॉर सेल (ओएफएस) के माध्यम से बेचे जाएंगे। कंपनी का कहना है कि आईपीओ से जुटाई गई राशि का उपयोग कारोबार विस्तार, ऋण वितरण क्षमता बढ़ाने, सहायक कंपनी की पूंजी को मजबूत करने तथा सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए किया जाएगा।
चंदन स्टील ने गोपनीय फाइलिंग के विकल्प का उपयोग किया है, इसलिए उसके आईपीओ के आकार और अन्य वित्तीय विवरण फिलहाल सार्वजनिक नहीं किए गए हैं। कंपनी सेबी की मंजूरी मिलने के बाद आगे की जानकारी जारी करेगी।
इस बीच, ऑयलफील्ड सेवाओं से जुड़ी कंपनी शिवगंगा ड्रिलर्स ने अपना आईपीओ प्रस्ताव वापस ले लिया है। कंपनी ने पिछले वर्ष पूरी तरह नए शेयरों के निर्गम के जरिए 400 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बनाई थी, लेकिन अब उसने सेबी के पास जमा किए गए दस्तावेज वापस ले लिए हैं। हालांकि, कंपनी ने इस निर्णय के पीछे कोई आधिकारिक कारण नहीं बताया है।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि सेबी की मंजूरी मिलने से मनीव्यू और चंदन स्टील के आईपीओ को आगे बढ़ाने का रास्ता साफ हो गया है, जबकि शिवगंगा ड्रिलर्स भविष्य में बदली हुई परिस्थितियों के अनुसार दोबारा बाजार का रुख कर सकती है।













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