डेस्क : 90 के दशक का सुपरहिट गाना “अंखियों से गोली मारे” आज भी श्रोताओं के बीच उतना ही लोकप्रिय है, लेकिन इसके निर्माण के पीछे एक दिलचस्प और अनोखी कहानी छिपी हुई है। यह किस्सा गीतकार समीर अनजान, टी-सीरीज के संस्थापक गुलशन कुमार और अभिनेता गोविंदा से जुड़ा हुआ है।
जानकारी के अनुसार, इस गाने की प्रेरणा एक पुरानी उत्तर भारतीय लोकधुन से मिली थी, जिसे टी-सीरीज के गुलशन कुमार अपने साथ लेकर आए थे। उन्होंने गीतकार समीर अनजान को यह लोकधुन सुनाई और इसे फिल्मी गीत के रूप में ढालने की जिम्मेदारी दी।
बताया जाता है कि गुलशन कुमार इस गाने को लेकर काफी गंभीर थे और उन्होंने समीर अनजान से यह सुनिश्चित करने के लिए कहा कि इस धुन पर आधारित गीत किसी अन्य संगीत कंपनी को न दिया जाए। इस संबंध में उन्होंने समीर अनजान से वचन भी लिया था।
मूल लोकगीत की पंक्ति “जब से सिपाही से भईल हवालदार कि नथुनिए से गोली मारे” को आधार बनाकर इसे फिल्मी रूप दिया गया और बाद में इसे अधिक शहरी और आकर्षक शैली में ढाला गया। अंतिम रूप में यह गीत “अपने दीवाने का कर दे बुरा हाल, अंखियों से गोली मारे” के रूप में सामने आया।
फिल्म ‘दूल्हे राजा’ (1998) में शामिल यह गाना सोनू निगम और जसपिंदर नरूला की आवाज़ में रिकॉर्ड किया गया था। गोविंदा की एनर्जेटिक परफॉर्मेंस और गाने की तेज़-तर्रार धुन ने इसे उस दौर का एक बड़ा हिट बना दिया।
यह गाना इस बात का उदाहरण माना जाता है कि कैसे भारतीय लोकसंगीत की जड़ें बॉलीवुड के लोकप्रिय संगीत को नई पहचान और सफलता प्रदान कर सकती हैं।













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