डेस्क:राम गोपाल वर्मा के डायरेक्शन में बनी 1998 में आई फिल्म सत्या को हिंदी सिनेमा के इतिहास में मील का पत्थर माना जाता है। इस फिल्म ने न सिर्फ क्राइम-ड्रामा और गैंगस्टर जॉनर को नई पहचान दी, बल्कि बॉलीवुड की फिल्मों की कहानी कहने का तरीका भी बदल दिया। सत्या की सफलता के बाद कई फिल्में बनीं, जो इसी तरह के गैंग्स्टर ड्रामा पर बेस्ड थी। फिल्म में मनोज बाजपेयी ने भीकू म्हात्रे का किरदार निभा कर सभी को हैरान कर दिया था। लेकिन इस फिल्म में एक और सपोर्टिंग एक्टर था जिसने अपनी परफॉरमेंस से छाप छोड़ी। वो एक्टर थे सुशांत सिंह। विलेन के किरदार में सुशांत ने कमाल कर दिया था। लेकिन क्या आप जानते हैं इस फिल्म के दौरान उन्हें असिस्टेंट डायरेक्टर से गालियां सुननी पड़ी थी।
डिजिटल कमेंट्री से बातचीत में सुशांत ने अपने पहले शूटिंग डे को याद करते हुए बताया कि उन्होंने आधा दिन मेकअप ट्रायल्स में बिताया था। दरअसल, मेकर्स उनके चेहरे पर एक चोट का निशान बनाने की कोशिश कर रहे थे। इस बीच उन्हें सौरभ शुक्ला और अनुराग कश्यप ने उनके किरदार के बारे में बताया, जो उस फिल्म में राइटर्स थे। सुशांत ने कहा, “मैंने सीन शुरू किया लेकिन रामू (राम गोपाल वर्मा) ने ‘कट’ नहीं कहा। हमने सीखा था कि जब तक ‘कट’ न सुने, तब तक किरदार में बने रहना है। इसलिए मैं लगातार परफॉर्म करता रहा। बाद में कट बोला गया और RGV खुश भी हुए लेकिन बाद में मुझे डांट भी पड़ी।”
उन्होंने हंसते हुए यह भी याद किया कि पहले टेक में ज्यादा ओवरबोर्ड जाने की वजह से उनका पायजामा फट गया था। उन्होंने कहा, “असिस्टेंट तौफीक भाई ने मुझे गाली दी कि अब दूसरा पायजामा कहां से लाऊं।” एक्टर ने बताया ये मजाक में दी गई गाली थी।













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