नई दिल्ली : उन्नाव रेप मामले में दोषी ठहराए गए पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। सर्वोच्च न्यायालय ने दिल्ली हाईकोर्ट के उस आदेश को निरस्त कर दिया है, जिसमें सेंगर की उम्रकैद की सजा को निलंबित करते हुए उन्हें राहत दी गई थी।
सुप्रीम कोर्ट ने मामले को पुनः विचार के लिए दिल्ली हाईकोर्ट के पास भेजते हुए निर्देश दिया है कि वह सजा निलंबन याचिका पर नए सिरे से सुनवाई करे। अदालत ने कहा कि हाईकोर्ट ने मामले में अत्यधिक तकनीकी आधार अपनाया था, जबकि यह मामला अत्यंत गंभीर प्रकृति का है।
दरअसल, दिल्ली हाईकोर्ट ने दिसंबर 2025 में सेंगर की उम्रकैद की सजा को अस्थायी रूप से निलंबित करने का आदेश दिया था। इसके खिलाफ केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। सुप्रीम कोर्ट ने उसी समय हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगा दी थी, जिसके कारण सेंगर जेल से बाहर नहीं आ सके थे।
सुनवाई के दौरान सुप्रीम Court ने स्पष्ट किया कि वह फिलहाल मामले के मेरिट पर कोई अंतिम टिप्पणी नहीं कर रहा है, लेकिन हाईकोर्ट को सभी तथ्यों और परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए नया फैसला लेना होगा।
गौरतलब है कि देशभर में चर्चा में रहे उन्नाव रेप मामले में वर्ष 2020 में विशेष अदालत ने कुलदीप सिंह सेंगर को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी। यह मामला उस समय राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियों में आया था और महिला सुरक्षा तथा राजनीतिक प्रभाव को लेकर व्यापक बहस छिड़ी थी।













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