नई दिल्ली:रामलीला मैदान में रविवार को ‘इंडिया गठबंधन’ की लोकतंत्र बचाओ रैली हुई। इसमें कांग्रेस और आम आदमी पार्टी समेत विपक्षी खेमे के करीब दो दर्जन छोटे-बड़े दलों ने शिरकत की। मंच पर खुद सोनिया गांधी, राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे, अखिलेश यादव, तेजस्वी यादव, महबूबा मुफ्ती, फारुक अब्दुल्ला समेत कई दिग्गज नेता मौजूद रहे। लेफ्ट नेता सीताराम येचुरी, डी राजा और टीएमसी की तरफ से डेरेक ओ’ब्रायन ने भी लोकसभा चुनाव से पहले केंद्र के खिलाफ हुंकार भरी।
सभी नेताओं ने एकसुर में मोदी सरकार को सत्ता से हटाने की अपील की और दावा किया कि इस बार मोदी जीत गए तो संविधान खतरे में पड़ जाएगा। वामदल के प्रमुख नेता सीताराम येचुरी ने मोदी सरकार पर प्रहार करते हुए इंदिरा गांधी की हार की भी याद दिला दी। उन्होंने जिक्र किया कि कैसे 47 साल पहले रामलीला मैदान में जय प्रकाश नारायण ने ‘आजादी या गुलामी’ का नारा दिया था और गुलामी की हार हुई।
येचुरी ने कहा, ‘यहीं पर 47 साल पहले इसी मैदान पर ऐतिहासिक सभा हुई थी। जहां से नारा निकला था आजादी या गुलामी। उस साल जयप्रकाश जी ने जो नारा दिया, उस चुनाव में आजादी की जीत हुई और गुलामी की हार हुई। आज वही नारा लग रहा है। हमें चाहिए आजादी, हमारा संविधान और जनतंत्र। हमारा धर्मनिरपेक्ष गणराज्य को सुरक्षित रखना हमारी आजादी है। मोदी सरकार हमारे देश को बर्बाद कर रही है।’
येचुरी ने सबको ईस्टर की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इसका मतलब है समय के कालचक्र को नई ऊर्जा देना। एक नई ऊर्जा आज हमारी भारतीय राजनीति में पैदा हुई जो जितवाएगी देश के संविधान और जनतंत्र को और तानाशाही ताकतों की हार होगी। उन्होंने मोदी सरकार पर प्रहार करते हुए कहा जिस तरह का भ्रष्टाचार, लूट और भूखमरी है देश में उनसे मुक्ति के लिए पहले इस सरकार से मुक्ति चाहिए। आने वाले चुनाव में इन्हें हराना जरूरी है और धर्मनिरपेक्ष सरकार का गठन किया जाए। येचुरी ने समुद्र मंथन का भी जिक्र किया और कहा कि अमृत का कलश गलत हाथों में चला गया है जिसे वापस लाना है।













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