डेस्क: पिछले दिनों अमेरिका ने वेनेजुएला की राजधानी काराकास पर हमले कर राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को हिरासत में ले लिया, जिसकी रूस सहित दुनिया के कई देशों ने कड़ी निंदा की। तनावपूर्ण हालात के बीच रूस ने वेनेजुएला के पास एक पनडुब्बी तैनात की है, ताकि संभावित अमेरिकी जब्ती से एक तेल टैंकर को बचाया जा सके। रूस दशकों से वेनेजुएला का समर्थक रहा है और रूसी पनडुब्बी की तैनाती से क्षेत्र में तनाव और बढ़ने की आशंका है।
वॉल स्ट्रीट जर्नल की एक रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से बताया गया है कि रूस ने उत्तरी अटलांटिक में एक खराब हालत में चल रहे तेल टैंकर को एस्कॉर्ट देने के लिए एक पनडुब्बी और अन्य नौसैनिक संसाधन तैनात किए हैं। यह टैंकर, जो अब मरीनरा नाम से संचालित हो रहा है, वेनेजुएला के पास के जलक्षेत्र से निकलने के कई हफ्तों बाद से ही अमेरिकी कोस्ट गार्ड की निगरानी में है। हालांकि जहाज फिलहाल खाली है और जर्जर स्थिति में है, फिर भी इसकी आवाजाही ने अमेरिकी अधिकारियों का ध्यान खींचा है, जो रूस और अन्य प्रतिबंधित देशों से जुड़े अवैध तेल तस्करी नेटवर्क पर शिकंजा कसना चाहते हैं।
बेला 1 से मरीनरा तक
पहले बेला 1 के नाम से जाना जाने वाला यह टैंकर दो सप्ताह से अधिक समय तक वेनेजुएला के पास प्रतिबंधित तेल शिपमेंट को निशाना बनाने वाली अमेरिकी नेतृत्व वाली नाकाबंदी से बचने की कोशिश करता रहा। रिपोर्ट के मुताबिक, अटलांटिक की ओर बढ़ने से पहले जहाज डॉक करने और कच्चा तेल लोड करने में असफल रहा। तेल न होने के बावजूद अमेरिकी कोस्ट गार्ड ने इसका पीछा किया। यह कार्रवाई दुनियाभर में ब्लैक-मार्केट ऊर्जा आपूर्ति, जिसमें पश्चिमी प्रतिबंधों से बाहर रूस द्वारा बेचा गया तेल भी शामिल है, को रोकने के व्यापक प्रयासों का हिस्सा थी।
नाम बदला, रूस में कराया गया रजिस्ट्रेशन
दिसंबर 2025 में खुले समुद्र में पहुंचने से पहले अमेरिकी अधिकारियों द्वारा जहाज पर चढ़ने की कोशिश को चालक दल ने नाकाम कर दिया। भागने के दौरान जहाज के बाहरी हिस्से पर बड़े आकार में रूसी झंडा बना दिया गया, इसका नाम बदलकर मरीनरा कर दिया गया और इसका रजिस्ट्रेशन रूस में करा लिया गया। इन कदमों ने किसी भी संभावित जब्ती से जुड़े कानूनी पहलुओं को बेहद जटिल बना दिया है। विशेषज्ञों ने बिना किसी निरीक्षण या सामान्य औपचारिकताओं के किसी जहाज को अपने झंडे के तहत पंजीकृत करने की रूस की अनुमति को बेहद असामान्य बताया है। विश्लेषकों का कहना है कि यह कदम अवैध रूसी तेल ढोने के आरोप में जहाजों की हालिया अमेरिकी जब्ती को लेकर मॉस्को की बढ़ती चिंता को दर्शाता है।













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