डेस्क:अमेरिका में ट्रंप समर्थक और कंजर्वेटिव प्रवक्ता चार्ली क्रिक की गोली मारकर हत्या कर दी गई है। अमेरिका के उताह यूनिवर्सिटी में एक कार्यक्रम के दौरान उनके ऊपर हमला किया गया, गोली सीधा जाकर उनके गले में लगी, जिससे उनकी मौत हो गई। क्रिक लगातार वैश्विक मुद्दों और अमेरिका में जारी मुद्दों पर अपनी राय रखते थे। वह तमाम यूनिवर्सिटियों में जाकर युवाओं से बहस करके अपनी बात रखते थे। उनकी हत्या के बाद तमाम पुराने वीडियो लगातार वायरल हो रहे हैं। ऐसा ही एक वीडियो पहलगाम हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच जारी तनाव को लेकर भी सामने आ रहा है। इस वीडियो में क्रिक डोनाल्ड ट्रंप को सलाह देते हुए कह रहे हैं कि उन्हें इससे दूर ही रहना चाहिए।
मई के शुरुआती दिनों में ही एक पॉडकॉस्ट के दौरान क्रिक ने डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने भारत और पाकिस्तान के तनाव से दूर रहने की अपील की थी। उन्होंने पाकिस्तान को एक धूर्त और धोखेबाज देश बताते हुए इस बात की तरफ इशारा किया था कि वह इस्लामाबाद प्रशासन ही था, जिसने ओसामा बिन लादेन को छिपा रखा था। इतना ही नहीं क्रिक ने भारत के ऑपरेशन सिंदूर को इस्लामी आतंकवाद के खिलाफ एक उचित जवाबी कार्रवाई बताया था।
चार्ली ने कहा, “भारत और पाकिस्तान आज युद्ध की कगार पर हैं। पाकिस्तान में 100 प्रतिशत लोग मुसलमान हैं… जबकि भारत में ज्यादातर हिंदू हैं। वह एक-दूसरे की बिल्कुल परवाह नहीं करते हैं। ऐसे में हमें (अमेरिका को) इससे दूर ही रहना चाहिए।”
क्रिक ने भारत और पाकिस्तान के परमाणु संपन्न होने को लेकर भी अपनी चिंता जाहिर की थी। हालांकि उन्होंने इस तनाव के परमाणु युद्ध तक जाने की संभावना से इनकार किया। उन्होंने कहा, “मुझे नहीं लगता कि यह युद्ध किसी भी तरह से परमाणु युद्ध तक पहुंचेगा। देखिए हम दोनों पक्षों में बातचीत की उम्मीद करते हैं, लेकिन इसके साथ ही हमारे सामने सबसे बड़ा सवाल है कि क्या यह अमेरिका की समस्या हैं या फिर नहीं।”
आपको बता दें चार्ली क्रिक जिस समय यह बयान दे रहे थे। उस वक्त भारत और अमेरिका के संबंध काफी सही थे। दोनों नेताओं के बीच में भी लगातार बातचीत हो रही थी। उनका यह बयान डोनाल्ड ट्रंप के उस स्टैंड से भी मेल खा रहा है, जिसमें वह अमेरिका को विदेशी झगड़ों से दूर रखने पर जोर देते हैं।
क्रिक ने अपनी बात पर जोर देते हुए कहा, “यह हमारा युद्ध नहीं है। हो सकता है कि हम भारत का थोड़ा-बहुत समर्थन करते हैं क्योंकि वह एक इस्लामी आतंकवाद का जवाब दे रहे हैं, लेकिन यह समर्थन केवल नैतिक स्तर पर होना चाहिए। इससे ज्यादा नहीं, हमें इस संघर्ष में शामिल होने की जरूरत नहीं है।”
आपको बता दें चार्ली क्रिक की कल यूनिवर्सिटी में हत्या कर दी गई थी। वह इजरायल और अमेरिका के कट्टर समर्थक थे। इतना ही नहीं वह अमेरिका कंटर्वेटिक लोगों के प्रवक्ता के तौर पर गर्भपात जैसी चीजों के भी मुखर विरोधी थे। डोनाल्ड ट्रंप ने उनकी हत्या को लेकर अपनी तीखी प्रतिक्रिया दी है और एलन मस्क ने पूरे वामपंथी इकोसिस्टम को भी हत्यारा करार दिया है। इजरायली पीएम नेतन्याहू ने भी क्रिक की हत्या पर दुख जताया।












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